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हनुमान जी की मूर्ति हटाकर पुलिस प्रशासन ने हिंदू समाज को दी चुनौती : रंजना अग्निहोत्री

लखनऊ। हनुमान जी की मूर्ति पुनः स्थापित करने व भाजपा प्रवक्ता व पार्षद दिलीप श्रीवास्तव के खिलाफ दर्ज मुकदमे को समाप्त करने की मांग को लेकर ॐ शिव शक्ति पीठ शनि देव मंदिर ए ब्लॉक इंदिरा नगर लखनऊ पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए चल रहे क्रमिक अनशन के दूसरे दिन एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विवेक सिंह व संरक्षक योगेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि योगी सरकार के शासन में हनुमान जी की मूर्ति मंदिर से हटाई गई। इससे थानाध्यक्ष गाज़ीपुर व एसडीएम सदर की दानवी मानसिकता प्रदर्शित होती है। दिलीप श्रीवास्तव जो एडवोकेट है व न्यायालय में मंदिर की रक्षा संबंधी मामलों के वाद को अधिवक्ता के रूप में लड़ते हैं। जब वो प्रपत्र अधिकारियों को दिखा रहे तो अधिकारियों ने उनसे अभद्रता की, जिसे अधिवक्ता समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

प्रख्यात अधिवक्ता व अयोध्या मामले की वकील रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने हनुमान जी की मूर्ति हटा कर हिन्दू समाज को ललकारा है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी जी से उक्त प्रकरण का संज्ञान लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही व हनुमान जी की मूर्ति वापस स्थापित कराने की मांग की।

लखनऊ की पुलिस कोविड काल का अवसर उठाते हुए अन्याय कर रही है। कमिश्नर प्रणाली में सबसे ज्यादा अधिवक्ताओ को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। हम सभी हनुमान जी की मूर्ति की पुनः स्थापना के लिए क्रमिक अनशन में शामिल हुए हैं। उपाध्यक्ष प्रमिला मिश्रा, संयुक्त मंत्री रोहित, अनूप त्रिपाठी, सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष ब्रजेश सिन्हा, पूर्व मंत्री नृपेंद्र पांडेय, पूर्व संयुक्त सचिव उपेंद्र प्रताप सिंह, लखनऊ बार एसोसिएशन की पूर्व संयुक्त सचिव कामिनी ओझा, अजित सिंह ने भी मुख्यमंत्री से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। पुजारी सत्यप्रकाश मिश्र ने पुलिस लाइन में रखे हनुमान जी की मूर्ति की पूजा व भोग लगाने की अनुमति की मांग की है।

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