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बेबुनियाद है टीडीपी और NDA से अलग होने का फैसला

तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) गठबंधन से अलग होने का फैसला बेबुनियाद साबित हो रहा है। हालांकि पार्टी पोलितब्यूरो ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। लेकिन टीडीपी के निर्णय से पार्टी के अंदर ही इस निर्णय पर असहजता महसूस की जा रही है। वहीं जनता को भी यह निर्णय गले नहीं उतर रहा है। इसके बावजूद आंध्राप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर पार्टी ने जबरन यह निर्णय लिया है। हालांकि पार्टी की ओर से कई नेताओं का कहना है कि टीडीपी एनडीए से अपनी मांग को लेकर अडिग है। इसके पीछे कोई अन्य वजह नहीं है।

NDA नहीं है अधिकारिक सूचना

टीडीपी सांसद वाई एस चौधरी का कहना है कि अभी तक कोई भी अधिकारिक तौर पर ऐसी सूचना बीजेपी को नहीं भेजी गई है। वहीं सूत्रों का कहना है कि टीडीपी आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का ऐलान कर सकती है।

बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा यह मात्र प्रोपेगंडा

एनडीए से टीडीपी के समर्थन वापस लेने के मामले को बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि केंद्र सरकार राज्य के लिए कुछ नहीं कर रही है। जबकि केंद्र सरकार ने आंध्रप्रदेश के लिए विशेष सहायता के तौर पर 12,476.76 करोड़ रूपए जारी करने का ऐलान किया था। जिसमें 2500 करोड़ रूपये नए राजधानी शहर के लिए दिये थे। इसके बावजूद टीडीपी यह दोहरा रही है कि विकास के लिए केंद्र ने कुछ नहीं किया। केंद्र से टीडीपी ने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी।

  • जिसे पूरा करने के लिए केंद्र ने राज्य को विशेष सहायता पैकेज दिया है।

टीडीपी का आरोप

टीडीपी का आरोप है कि केंद्र सरकार राज्यसभा में दिए आश्वासनों को पूरा करने में नाकाम रही है।

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  • राज्यसभा में पीएम ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का आश्वासन दिया था।
  • पार्टी का कहना है कि बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए किया गया था ताकि आंध्र प्रदेश के साथ न्याय हो।
  • वहीं केंद्र सरकार ने आंध्रप्रदेश के लिए विशेष सहायता दिया है।
स्पेशल स्टेट्स के लिए प्राविधान

इससे पहले आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेट्स के आधार पर ही स्पेशल पैकेज दिया जाएगा।

  • केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेट्स देने के विषय में मुख्य बात यह है कि किसी राज्य को स्पेशल स्टेट्स क्यों दिया जाता है?
  • जेटली ने कहा कि फाइनेंस कमीशन के मुताबिक महज नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों के लिए स्पेशल स्टेट्स का प्रावधान है।
  • क्योंकि उनके पास अपने खुद के संसाधन बेहद सीमित हैं।
आंध्र को स्पेशल स्टेट्स के लिए केंद्र की समस्या

जेटली ने बताया था कि चौदहवें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए स्पेशल स्टेट्स के प्रावधान को हटा दिया।

  • जिससे अब इस आधार पर आंध्र को स्पेशल स्टेट्स का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
  • इसलिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने फैसला कियाहै।
  • 5 साल तक 90-10 फीसदी के फॉर्मूले के आधार पर आंध्र प्रदेश को स्पेशल पैकेज दिया जाएगा।
  • लेकिन आंध्र को अब स्पेशल स्टेटस का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
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