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विश्व मधुमेह दिवस : इस बार की थीम “डायबिटीज केयर तक पहुंच”

• खराब जीवनशैली ने हर उम्र के लोगों में डायबिटीज का खतरा पैदा किया

औरैया। डायबिटीज आज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। डॉक्टरी भाषा में डायबिटीज को ‘साइलेंट किलर’ का खिताब मिला है। खराब जीवनशैली ने हर उम्र के लोगों को इसका शिकार बना दिया है। अगर आपको एक बार डायबिटीज हो गई तो जिंदगी भर के लिए यह आपको परेशान कर सकती है। आज देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मगर चिंता वाली बात यह है कि इसके बावजूद लोग इसके प्रति जागरूक नहीं है और लगातार ऐसी लाइफ स्टाइल को फॉलो कर रहे हैं, जो कई बीमारियों को न्यौता दे रही है।

एनसीडी (गैरसंचारी रोग) के नोडल अधिकारी डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि #इंसुलन हार्मोन की वजह से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। डायबिटीज दो तरह का होता है। टाइप 1 और टाइप 2। टाइप 1 डायबिटीज का मुख्य लक्षण शरीर में इंसुलिन का बनना बंद होना है। जबकि टाइप 2 की स्थिति में शरीर में इंसुलिन का जरूरत के हिसाब से निर्माण नहीं होता या इसका इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं हो पाता। डायबिटीज मोटापा, खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से हो सकता है।

यह भी जानें

हर साल मधुमेह को लेकर जागरूकता के लिए 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिवस पर मनाया जाता है, जिन्होंने कानाडा के टोरन्टो शहर में बेन्ट के साथ मिलकर सन 1921 में इन्सुलिन की खोज की थी। ग्रामीण आबादी में शहरी आबादी की तुलना में ₹मधुमेह के रोगी कम मिलते हैं, क्योंकि वहां खान-पान का अंतर आ जाता है। इस बीमारी को रोकने के लिए न केवल जागरूकता बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी अहम है। शहरों में अनियमित खान-पान और शारीरिक श्रम कम होने की वजह से मधुमेह के मरीज ज्यादा देखने को मिलते हैं।

आईडीएफ यानी इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन हर साल वर्ल्ड मधुमेह दिवस के लिए एक थीम चुनता है इस बार की थीम “डायबिटीज केयर तक पहुंच” है।

डायबिटीज के लक्षण

• भारी शरीर के लोगों को डायबिटीज का ज्यादा खतरा होता है।
• हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देती है।
• अगर कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया है तो भी डायबिटीज का खतरा रहता है।
• प्रेग्नेंसी के समय मां को डायबिटीज हो तो भविष्य में शिशु भी इसका शिकार हो सकता है।
• 40 साल की उम्र से ज्यादा सभी लोगों को जिनकी लाइफस्टाइल अच्छी नहीं है, डायबिटीज का खतरा रहता है।

डायबिटीज से बचाव

आप रोजाना व्यायाम करें और हेल्दी खाना खाएं। अगर आप एक्सरसाइज के लिए समय निकाल सकते हैं तो रोजाना कम से कम 30-40 मिनट घर पर ही कसरत करें। ज्यादा से ज्यादा पैदल चलें, जॉगिंग करें, एक ही जगह पर न बैठे। रोजाना कम से कम 10 ग्लास पानी पीना सभी के लिए जरूरी है।

नशा करने से बचें

सिगरेट और शराब की लत कैंसर, डायबिटीज और हार्ट संबंधी बीमारियों को जन्म दे सकती है। अगर आप #सिगरेट और शराब या इनमें से किसी एक की भी लत है तो ये आपके शरीर को बीमारियों का घर बनाने के लिए काफी है।

क्या कहती है एनएफएचएस की रिपोर्ट

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 4 (2015-16) की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में 15 से 49 साल के आयुवर्ग के 3.7 प्रतिशत पुरुषों में 140 से 160 मिलीग्राम के बीच और 2.8 प्रतिशत पुरुषों में 160 मिलीग्राम से ऊपर शुगर की मात्रा है। दूसरी तरफ 15 से 49 साल की आयुवर्ग की महिलाओं में 3 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो हाई डाइबिटीज की शिकार है। इन महिलाओं में शुगर की मात्रा 140 से 160 मिलीग्राम के बीच पाई गई है। जबकि 160 मिलीग्राम से अधिक शुगर की मात्रा से ग्रसित महिलाओं की संख्या 3.2 प्रतिशत है। लगातार शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है,जो चिंता का विषय है।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर 

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