Eureka इण्टरनेशनल-2018 में होंगे शैक्षिक-साँस्कृतिक महोत्सव

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, आनन्द नगर कैम्पस द्वारा चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक-साँस्कृतिक महोत्सव Eureka ‘यूरेका इण्टरनेशनल-2018’ का आयोजन 16 से 19 दिसम्बर 2018 तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव में प्रतिभाग हेतु श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से लगभग 500 छात्र लखनऊ पधार रहे हैं।

Eureka इण्टरनेशनल-2018 की संयोजिका

उक्त जानकारी आज यहाँ आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में Eureka ‘यूरेका इण्टरनेशनल-2018’ की संयोजिका एवं सी.एम.एस. आनन्द नगर कैम्पस की प्रधानाचार्या रीना सोटी ने दी। पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए  सोटी ने कहा कि यूरेका एक ऐसा अन्तर्राष्ट्रीय मंच है जिसके द्वारा हम ‘विश्व एकता’ की भावना सारे विश्व में फैलाना चाहते हैं, साथ ही साथ यह महोत्सव भावी पीढ़ी को अपने अन्दर छिपी प्रतिभा को उजागर करने का अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध करायेगा।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए रीना सोटी ने कहा कि यह आयोजन भावी पीढ़ी की बहुमुखी प्रतिभा के विकास के साथ ही उनके मानवीय एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण को विकसित करने में मददगार साबित होगा। इससे छात्रों के अन्दर छिपी प्रतिभा को पूर्ण रूप से प्रस्फुटित और पल्लवित होने का भरपूर अवसर प्राप्त होगा साथ ही वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का प्रचार-प्रसार भी होगा। हमारा प्रयास है कि भावी पीढ़ी विभिन्न देशों की संस्कृत व साहित्य से परिचत हो, क्योंकि यही वह जरिया है जो विश्व समाज को एकता, शान्ति व सौहार्द के सूत्र में पिरो सकता है।

कई रोचक प्रतियोगिताएं

यूरेका इण्टरनेशनल-2018 की प्रतियोगिताओं की जानकारी देते हुए रीना सोटी ने बताया कि यूरेका इण्टरनेशनल के अन्तर्गत देश-विदेश के छात्रों के लिए कई रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी जिनमें पॉप आर्ट (कोलाज मेकिंग), फुटलूज (कोरियोग्राफी), ड्रीम मर्चेन्टस (एडवर्टाइजिंग), टच माई शैडो (मल्टीमीडिया प्रजेन्टेशन), टूसे (वाद-विवाद), मैरी क्वेरीज (क्विज), वॉइस ओवर (अवेयरनेस कैम्पेन) एवं इन्वेन्टर्स गैलोर (साइन्स मॉडल मेकिंग) आदि प्रमुख हैं।

इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, रचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति क्षमता एवं कलात्मक प्रतिभा का परीक्षण होगा। सुश्री सोटी ने कहा कि यूरेका छात्रों के सामने एक चुनौती है, एक खेल है व एक जंग है जिसमें जीत के साथ-साथ ज्ञान की वृद्धि के अपार अवसर हैं।

इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि समस्त विश्ववासियों के समक्ष आज यह यक्ष प्रश्न मुँह बाये खड़ा है कि भावी पीढ़ी को किस प्रकार का ज्ञान दिया जाए जिससे विश्व मानवता फलती-फूलती रहे। उन्होंने कहा कि यह अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव इसी सवाल का जवाब है जिसके अन्तर्गत सी.एम.एस. न सिर्फ अपने छात्रों को अपितु देश-विदेश के सभी छात्रों को विश्वव्यापी दृष्टिकोण प्रदान करने की हर संभव कोशिश कर रहा है जिससे आगे चलकर भावी पीढ़ी सही मायने में विश्व नागरिक बन सके।

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