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कांग्रेस विपक्षी नेताओं को एक मंच में बुलाकर करना चाहती है ऐसा, टीएमसी और समाजवाटी पार्टी ने किया किनारा

राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा सोमवार को 30 जनवरी के दिन जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में समाप्त होने जा रही है। इस दिन कांग्रेस विपक्षी नेताओं को एक मंच में बुलाकर 2024 से पहले विपक्षी एकता का संदेश देना चाहती है।

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इस संदेश के साथ ही कांग्रेस की कोशिश है कि वह भाजपा के खिलाफ खुद को विपक्षी पार्टियों के सरदार के रूप में दिखा सके। कांग्रेस की यह कोशिश कितनी रंग लाएगी यह तो वक्त बताएगा लेकिन, सूत्रों से पता लगा है कि 12 दल ही इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जबकि, 9 दलों ने इस कार्यक्रम से परहेज किया है।

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सुरक्षा का हवाला देते हुए समारोह के किनारा करने वाले दलों में टीएमसी, समाजवाटी पार्टी और टीडीपी शामिल हैं। अब नीतीश की पार्टी ने भी यात्रा के समापन कार्यक्रम से दूरी बना दी है। यहां यह गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस ने समापन कार्यक्रम के लिए केजरीवाल और केसीआर को निमंत्रण नहीं भेजा था।

सूत्रों ने आज बताया कि समान विचारधारा वाले 12 विपक्षी दल सोमवार को भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे। समारोह के लिए 21 दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों से इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीडीपी उन पार्टियों में शामिल हैं, जो इस समारोह में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा जेडीयू ने भी समापन कार्यक्रम से खुद को अलग कर दिया है।  ललन सिंह ने कहा कि चुनाव व्यस्तता के चलते उनकी पार्टी का कोई भी नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेगा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शनिवार को यात्रा के लिए भाई राहुल गांधी के साथ शामिल हुईं, जो एक कथित सुरक्षा उल्लंघन के कारण शुक्रवार को रद्द किए जाने के बाद अवंतीपोरा के चेरसू गांव से फिर से शुरू हुई थी। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी अवंतीपोरा से यात्रा में शामिल हुईं।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा ने 3 जनवरी को यूपी में प्रवेश किया था। यात्रा में शामिल होने के लिए कांग्रेस ने मायावती, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी दिग्गजों को न्यौता दिया था लेकिन, वे यात्रा में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस ने संदेश दिया था कि वह यूपी में सिर्फ तीन दिन ही रहेगी, ऐसे में विपक्षी दलों का भाजपा को कड़ा संदेश देना जरूरी है। तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस को यूपी में दिग्गजों का साथ नहीं मिला। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी भारत जोड़ो यात्रा से किनारा किया था। ममता पहले भी कांग्रेस को मुख्य विपक्षी दल या विपक्ष का चेहरा कहने से नकार चुकी है।

एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तेजस्वी यादव की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), उद्धव ठाकरे की शिवसेना, सीपीआई (एम), सीपीआई विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), केरल कांग्रेस, फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), और शिबू सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) श्रीनगर में समारोह में भाग लेंगे।

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