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ट्रेनों की गति बढ़ाने से लेकर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर नवीनीकरण तक संरक्षा की दॄष्टि से पूर्वाेत्तर रेलवे सजग

विभिन्न रेल खंडों पर पूर्व के अधिकतम 37 के सापेक्ष 59 प्वाइंट एवं क्रासिंग में थिक वेब स्विच लगाया गया जो कि विषेष उपलब्धि है।

लखनऊ। पूर्वाेत्तर रेलवे निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। रेलवे प्रशासन द्वारा संरक्षा की दृष्टिकोण से गाड़ियों की गति बढ़ाने, संचलन समय में बचत हेतु रेल पथ एवं स्लीपर नवीनीकरण, डीप स्क्रीनिंग तथा बैलास्ट की आपूर्ति आदि का कार्य किया जा रहा है। फलस्वरूप छोटी एवं बड़ी लाइन पर विभिन्न रेल खंडों में सेक्शनल स्पीड बढ़ायी जा रही है। रेलवे ट्रैक को सुदृढ़ करने की दिशा में कई मदों में वर्ष 2021-22 में पूर्वोत्तर रेलवे का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है।

ट्रेनों की गति बढ़ाने से लेकर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर नवीनीकरण तक संरक्षा की दॄष्टि से पूर्वाेत्तर रेलवे सजग

पूर्वोत्तर रेलवे पर रेल नवीनीकरण के लिए वर्ष 2021-22 में 90 ट्रैक किलोमीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था तथा पूर्व में वर्ष 2019-20 की उपलब्धि 113.88 किलोमीटर थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2021-22 में 162.53 ट्रैक किलोमीटर का नवीनीकरण किया गया। इस प्रकार पिछली अधिकतम उपलब्धि से भी इस वर्ष अतिरिक्त 48.65 ट्रैक किमी. का रेल नवीनीकृत किया गया।

प्वाइंट और क्रासिंग में थिक वेब स्विच लगाया गया जो कि विषेष उपलब्धि है।

स्लीपर नवीनीकरण के लिए वर्ष 2021-22 में 50 ट्रैक किलोमीटर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था तथा पूर्व में वर्ष 2020-21 की उपलब्धि 64.42 किलोमीटर थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2021-22 में 69.96 ट्रैक किलोमीटर के स्लीपर का नवीनीकरण किया गया। इस प्रकार पिछली अधिकतम उपलब्धि से भी इस वर्ष अतिरिक्त 19.96 ट्रैक किलोमीटर का स्लीपर नवीनीकृत किया गया।

वर्ष 2021-22 में प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग निर्धारित लक्ष्य 230 किलोमीटर एवं वर्ष 2020-21 की अधिकतम उपलब्धि 288.87 किलोमीटर के सापेक्ष इस वर्ष 310.23 किलोमीटर की डीप स्क्रीनिंग की गयी, तथा टर्न आउट की डीप स्क्रीनिंग निर्धारित लक्ष्य 130 टर्न आउट एवं वर्ष 2020-21 की अधिकतम उपलब्धि 194 टर्न आउट के सापेक्ष इस वर्ष 248 टर्न आउट की डीप स्क्रीनिंग की गयी।

बैलास्ट की आपूर्ति पूर्व की अधिकतम आपूर्ति 4.29 के सापेक्ष इस वर्ष 6.54 लाख क्यूबिक मीटर की गयी तथा थ्रू टर्न आउट रिन्यूवल निर्धारित 100 एवं पूर्व के अधिकतम 150 के सापेक्ष 168 इक्यूवलेन्ट यूनिट रही जो कि सर्वोत्कृष्ट है। विभिन्न रेल खंडों पर पूर्व के अधिकतम 37 के सापेक्ष 59 प्वाइंट एवं क्रासिंग में थिक वेब स्विच लगाया गया जो कि विषेष उपलब्धि है। उपरोक्त मदों में पूर्वोत्तर रेलवे का प्रदर्षन शानदार एवं सर्वोत्कृष्ट रहा।

गति बढ़ाने के उद्देश्य से लाइनों को सुदृढ़ कर स्थाई गति अवरोधक के दो सतर्कता आदेश हटाये गये तथा दो में स्थाई गति अवरोधक की गति सीमा बढ़ाई गयी। 391.43 रूट किलोमीटर खंड पर यार्डो में लूप लाइन की गति सीमा दोगुनी की गयी। इसके अतिरिक्त विभिन्न रेल खंडों पर निर्धारित 271 के सापेक्ष 328.16 रूट किलोमीटर पर गाड़ियों की गति सीमा बढ़ायी गई।

रिपोर्ट-दयाशंकर चौधरी

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