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केरल सरकार को लॉकडाउन में ढील देना पड़ा महंगा, गृह मंत्रालय ने मांगा जवाब

भारत में कोरोनावायरस का प्रकोप लगातार जारी है। वहीं कोरोना संकट के बीच आज कई राज्यों ने लॉकडाउन में मामूली ढील का ऐलान किया है। इस बीच केरल सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन की अनदेखी करते हुए लॉकडाउन में रियायत को लेकर नया आदेश जारी किया है। वहीं, अपने गाइडलाइन में इस बदलाव पर गृह मंत्रालय ने आपत्ति जाहिर करते हुए केरल सरकार को चिट्ठी लिखी है।

गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी किए गए आदेशों का उल्लंघन करने पर केरल सरकार को चिट्ठी लिखी है। केंद्र सरकार ने केरल से पूछा है कि गाइडलाइन में रियायत का दायरा क्यों बढ़ाया गया है। केरल सरकार की ओर से जवाब मिलने के बाद केंद्र की ओर से आगे की कार्यवाही की जाएगी।

गृह मंत्रालय ने केरल सरकार से कहा है कि कस्बों में बस संचालन को मंजूरी, दो पहिया वाहनों की सवारी, कार की पिछली सीट पर दो लोगों के बैठने की अनुमित, रेस्तरां और किताबों की दुकानें खोलने की मंजूरी देने का केरल सरकार का निर्णय बंद के नियमों का उल्लंघन है।

केरल सरकार को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि MHA ने 15 अप्रैल 2020 को भारत सरकार, राज्य/केंद्रशासित सरकारों के मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए जाने वाले उपायों पर समेकित संशोधित दिशानिर्देश दिए थे और कोविड-19 के समावेश के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र प्राधिकरण, देश के सभी भागों में सख्त कार्यान्वयन के लिए निर्देश थे। दिशा-निर्देशों के खंड 4 (i) और (ii) का जिक्र करते हुए कहा गया है कि (i) राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकारें इन दिशा-निर्देशों को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कमजोर नहीं करेंगी। किसी भी तरीके और कड़ाई से एक ही लागू होगा और (ii) राज्य/केन्द्र शासित सरकारें स्थानीय क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुसार इन दिशानिर्देशों की तुलना में कड़े उपाय कर सकती हैं।

बता दें कि केरल में अब तक कोरोना के 402 कंफर्म केस सामने आ चुके हैं, जिसमें 270 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आकर 3 लोगों की मौत हो चुकी है।

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