श्रमिक रोजगार की कार्ययोजना

रिपोर्ट-डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना के विरुद्ध जंग में एक साथ अनेक मोर्चो को प्रभावी रूप में संभाल रहे है। इसमें आपदा प्रबंधन के साथ ही निवेश व श्रमिक रोजगार के विषय भी शामिल है। योगी के प्रयासों का परिणाम है कि इस समय उत्तर प्रदेश सभी जनपदों में कोविड़ हॉस्पिटल,एक लाख बेड, और पचास हजार वेंटिलेटर तैयार है। उसके अलावा उत्तर प्रदेश में निवेश व श्रमिकों को रोजगार दिलाने की योजना पर भी कार्य प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री वर्षा काल में बाढ़ व संचारी रोगों पर नियंत्रण के प्रति भी सजग है।

इस संबन्ध में भी उन्होंने संबंधित विभागों को दिशा निर्देश जारी किए है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से प्रतिदिन एक करोड़ मानव दिवस सृजित किए जाने के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए है। मनरेगा के अलावा केन्द्र तथा राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से भी बड़ी संख्या में रोजगार दिए जाएंगे।इन योजनाओं में निर्बल वर्गों अन्त्योदय कार्ड धारकों, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजन का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिससे उन लोगों को भरण पोषण में परेशानी का सामना ना करना पड़े। इस संबन्ध में सभी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लाॅकडाउन से पहले चल रही विकास योजनाएं पूरी गति से प्रारम्भ किया जा रहा है। इनकी प्रगति से शासन को अवगत कराना होगा। मनरेगा के माध्यम से उपलब्ध सभी प्रस्तावों को स्वीकृत करते हुए जरूरतमन्दों व श्रमिकों को रोजगार दिए जाएंगे।
लगभग पैंतीस लाख कामगार श्रमिक अन्य राज्यों से प्रदेश में वापस आए हैं।

प्रदेश में पहले से भी बड़ी संख्या में कामगार श्रमिक उपलब्ध हैं। ऐसे में, प्रदेश की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन किया जाना है। बड़े उद्योगों,एमएसएमई के अलावा,मनरेगा के माध्यम से भी रोजगार सृजन किया जा रहा है। वर्तमान में मनरेगा के माध्यम से बयालीस लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं,जिससे लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। विभागीय कन्वर्जेन्स के माध्यम इस संख्या को एक करोड़ मानव दिवस तक बढ़ाया जाएगा। लोक निर्माण, सिंचाई, कृषि, ग्राम्य विकास,वन, सिंचाई, पंचायतीराज, उद्यान, मत्स्य, पशुधन, रेशम, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, बेसिक, माध्यमिक व प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन किया जा रहा है। योगी कैबिनेट ने राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत कार्यों की अनुमन्यता सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

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इसके तहत राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत ग्राम पंचायत को उपलब्ध होने वाली धनराशि में से तीन प्रतिशत की धनराशि प्रतिवर्ष निर्धारित कार्याें पर व्यय किये जाने की अनुमति दी गयी है। इनमें अत्यधिक गरीब और निराश्रित परिवारों में मृत्यु होने पर मृतक आश्रित को पांच हजार रुपये अन्त्येष्टि हेतु प्रदान किये जाएंगे। ऐसे परिवारों में आकस्मिक रूप से बीमारी की दशा में आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में कवर न होने की दशा में उन्हें एक बार सहायता राशि के रूप में तत्काल दो हजार रुपये मिलेंगे। ग्राम पंचायत में अन्त्योदय श्रेणी के सभी लोगों को एक हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत पात्र व्यक्तियों परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करते समय की वीडियोग्राफी फोटोग्राफी कराने के साथ ही प्रत्येक लाभार्थी का फोटो एवं हस्ताक्षर सहित पूर्ण विवरण डाटाबेस ग्राम पंचायत स्तर पर रजिस्टर में भी बनाए रखा जाना सुनिश्चित किया जाएगा। जिससे वास्तविक रूप से पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ प्राप्त हो सके तथा पुनरावृत्ति की सम्भावना को भी रोका जा सके। इसके अलावा राज्य वित्त आयोग की धनराशि के अन्तर्गत शासकीय धनराशि से स्थापित संचालित गो संरक्षण केन्द्रों के लिए इन कार्याें को अनुमन्य किया गया है।

गो संरक्षण केन्द्र की आवश्यकता के अनुसार भूसे को भण्डार गृह तक ले जाने के लिए परिवहन लागत एवं उसमें निहित मानव श्रम पर व्यय किया जाएगा। इसमें गो संरक्षण संबन्धी अन्य सभी कार्य शामिल किए गए है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ नियंत्रण संबधी कार्यों को अभी से पूरा करने का निर्देश दिया है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने उन्नाव के शुक्लागंज में गंगा नदी पर जलशक्ति मंत्रालय के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे ड्रेजिंग कार्य का निरीक्षण किया। सभी कामों को त्वरित गति से गुणवत्ता समयबद्धता पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस ड्रेजिंग कार्य से उन्नाव जनपद के शुक्लागंज एवं दूसरे तट पर कानपुर में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ व कटान से बचाया जाएगा।

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