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उज्ज्वल भविष्य के लिए नई शिक्षा नीति

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर बल देती है। उनका कहना है कि इस नई शिक्षा नीति से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होगा। इससे देश व समाज की प्रगति को बल मिलेगा। भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में यह शिक्षा नीति सहायक होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिये विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देना होगा। जिससे देश को बड़ी संख्या में आदर्शवान और प्रतिभाशाली युवा नागरिक उपलब्ध हो सकें।

नई शिक्षा नीति में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, नैतिक उत्थान तथा तकनीकी कौशल को बढ़ावा दिया गया है। यह ज्ञान की शताब्दी है, जिसका सीधा मतलब है देश का आर्थिक एवं सामाजिक विकास,युवा शक्ति की योग्यता उसके कौशल विकास पर आधारित होनी चाहिए। इसलिये आवश्यकता है कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय छात्रों के कौशल विकास की दिशा में अग्रणी भूमिका निभायें। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने वीर बहादुर सिंह पूर्वाञचल विश्वविद्यालय जौनपुर के चौबीसवें दीक्षान्त समारोह को संबोधित किया।

आत्मनिर्भर भारत विजन

राज्यपाल ने आत्मनिर्भरत भारत अभियान में विद्यार्थियों व युवाओं के योगदान का आह्वान किया। कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन उच्च शिक्षा प्रणाली मुख्य रूप से अनुसंधान और उद्योग आधारित कौशल सशक्तिकरण पर केंद्रित है। जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को अवसर प्रदान करेगा और अपनी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण के साथ रोजगार के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्यपाल ने अपनी परम्परा के अनुरूप दीक्षांत समारोह में कक्षा छह से आठ तक के इक्यावन बच्चों को स्कूल बैग,पाठ्य साम्रगी एवं फल उपहार में दिए गए।

शिक्षा व समाज सेवा

आनन्दी बेन पटेल शिक्षा के साथ समाज सेवा के प्रति भी जागरूक रहने का सन्देश देती है। शिक्षा समाज सेवा के सरोकार से ही सार्थक होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक कार्य के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी सहभागिता करनी चाहिए। इससे सामाजिक समस्याओं का जल्द ही समाधान में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत की कल्पना की है। हम सभी को इसे साकार करना है।

अतः विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लें, छात्राओं का एनीमिया जांच कराएं,गर्भवती महिलाओं का सौ प्रतिशत प्रसव अस्पताल में ही कराने,स्तनपान को भी बढ़ावा देने, आंगनवाड़ी केन्द्रों को पुष्टाहार उपलब्ध कराने जैसे कार्यों को भी अंगीकार करें। राज्यपाल ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियां,बाल विवाह एवं महिलाओं पर होने वाले घरेलू अत्याचार पर रोक लगायी जानी चाहिए और इसका विरोध घर से ही शुरू होना चाहिए।

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