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चिकित्सक संग मेडिल स्टाफ को दिलाई शपथ, सभी चिकित्सा इकाईयों में मनाया गया ‘विश्व रोगी सुरक्षा दिवस’

कानपुर नगर। जनपद में विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह 12 से 17 सितम्बर मनाया गया। इसके तहत हर साल 17 सितंबर को रोगी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। में जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर में चिकित्सक व स्टाफ को शपथ दिलाई गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत जनपदकी समस्त चिकित्सा इकाइयों पर गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। कम्यूनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक ,जिला परामर्शदाता क्वालिटी एश्योरेंस द्वारा मेडिकेशन सेफ्टी विषय पर मेडिकल स्टाफ का संवेदीकरण किया गया,साथ ही हाई एलर्ट ड्रग्स के बारे में बताया गया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्वालिटी एश्योरेंस के नोडल अधिकारी डॉ. एस के सिंह ने बताया कि गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता के लिए हर साल 17 सितंबर को रोगी सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया की इस दौरान सभी ने चिकित्सालय में मरीजों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखने, मरीज के साथ सौम्य और अच्छा व्यवहार करने, मरीज की निजता और गोपनीयता का ध्यान रखने, चिकित्सकीय उपचार और तरीकों से पहले सही मरीज की पहचान करने, मरीज व उनके परिजनों को उपचार और तरीकों की पूरी जानकारी देने, मरीजों के उपचार और तरीकों में धैर्य और सावधानी बरतने, किसी प्रकार के विशेष तरीके या जांच आदि से पहले मरीज व उनके परिजनों से सहमति लेने, मरीज को सही समय पर सही तरीके से दवा देने और डाक्यूमेंटेशन करने, मरीज का प्रतिदिन बेड टू बेड हैण्डओवर लेने, मरीज की भर्ती व डिस्चार्ज प्रक्रिया नियमानुसार करने, मरीज को दी गई दवाओं का नियमानुसार आडिट करने व उनके परिणाम में सुधारात्मक व निवारक कार्यवाही करने, चिकित्कीय प्रक्रिया में मरीज और मरीज के परिवार को परामर्श एवं फीडबैक के लिए शामिल कर सुधारात्मक व निवारक कार्यवाही करने की शपथ दिलाई गई ।

जिला परामर्शदाता क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. आरिफ बेग़ ने बताया कि सप्ताह के दौरान मूवमेंट्स ऑफ मेडिकेशन सेफ्टी&#39 ; एप्लीकेशन के बारे में मरीजों को जागरुक किया जा रहा है। स्टाफ को बताया गया कि मरीजों की इलाज के दौरान गोपनीयता रखी जाए। उन्होंने मरीजों के उपचार के समय इन्फेक्शनप्रिवेंशन को ध्यान में रखते हुए पीपीई का उपयोग किए जाने के लिए कहा है। साथ ही कहा कि जनपद के अस्पतालों में प्रिकाशन पर्चा ऑडिट अनिवार्य है। मरीजों के परिवार की चिकित्सीय प्रक्रिया में परामर्श, फीडबैक जरूरी है,जिससे अस्पताल की सुविधाओं में सुधार हो सके।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर 

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