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एकेटीयू फार्मेसी संकाय में हुआ विज्ञान दिवस पर आयोजन

लखनऊ। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में डॉ एपीजे अब्दुल कलम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के फैकल्टी ऑफ़ फार्मेसी द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज करने के कारण वर्ष 1928 से प्रत्येक वर्ष भारत में विज्ञान एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर एकेटीयू में इसी वर्ष से प्रारम्भ हुए फैकल्टी ऑफ़ फार्मेसी द्वारा जानकीपुरम स्थित परिसर में छात्रों की विज्ञान के मॉडल्स एवं क़्विज प्रतियोगिता हुई।

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कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन से हुई। फार्मेसी संकाय के एसोसिएट डीन प्रोफेसर आकाश वेद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रुपरेखा रखी। एकेटीयू के प्रतिकुलपति प्रोफ़ेसर मनीष कुमार गौड़ ने छात्रों को फार्मेसी पाठ्यक्रम में उज्जवल भविष्य के लिए लगन और शोध की अभिरुचि के साथ खुद को तैयार करने को कहा।

एकेटीयू - विज्ञान दिवस पर आयोजन

उन्होंने एकेटीयू परिसर में फार्मेसी संकाय की सकती चुनौतियों में हरसम्भव सहयोग करने का आश्वासन दिया। बायोटेक्नोलॉजी विभाग आईईटी के विभागाध्यक्ष एवं एकेटीयू के डीन इनोवेशन प्रोफेसर बीएन मिश्रा ने छात्रों को क्या? क्यों? कैसे? इन प्रश्नों से विज्ञान के रहस्यों को सुलझाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता एवं विशित अतिथि उपस्थित रहे सीडीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ संजीव कुमार शुक्ला ने छात्रों को केंद्रीय औषधि अनुसन्धान संस्थान (सी.डी.आर.आई.) से परिचित कराते हुए बताया कि सीडीआरआई देश का एकमात्र शोध संस्थान है जो नई औषधि की कल्पना से लेकर मार्केट में आने तक हर पहलू पर कार्य करता है और इसके लिए संस्थान परिसर में एक ही छत के नीचे सभी संसाधन उपलब्ध हैं।

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उन्होंने बताया की कोविड महामारी के दौरान जब देश को कोविड टेस्टिंग किट की आवश्यकता हुई तब संस्थान ने उपलब्ध संसाधनों से तत्काल आरटीपीसीआर किट तैयार करके दी। ऐसी तमाम विशेषताओं के साथ सी.डी.आर.आई. आजादी के बाद से ही शोध के क्षेत्र में कार्य कर रहा हैसी डीआरआई और एकेटीयू के फार्मेसी संकाय परस्पर संसाधनों को साझा करके विज्ञान और शोध में अपनी भूमिका वहन कर सकेंगे।

एल्केम लैबोरेट्रीज लिमिटेड के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के ग्लोबल प्रेसिडेंट डॉ अरुण कुमार पांडेय ने शोध एवं व्यापार में सम्बन्ध को जोड़ते हुए छात्रों को भारत को बढ़ती गति से रूबरू कराया। भारत में हो रही जी20 समिट एवं उत्तर प्रदेश में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट-2023 से फार्मा सेक्टर में अपार संभावनाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं।

एकेटीयू - विज्ञान दिवस पर आयोजन

सर्वाधिक निवेश फार्मा सेक्टर में ही हुआ है और बिना शोध के यह सब संभव नहीं है। सबसे ज्यादा स्टार्टअप देने वाला विश्व का सबसे युवा देश होने के नाते हमारे देश में संभावनाओं की कमी नहीं है और अकूत अवसर भरे पड़े हैं। उन्होंने तमाम आकड़ों के माध्यम से भारत के औषधि निर्माण एवं शोध में योगदान को बताया और छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बीफार्म।

पाठ्यक्रम को मात्र डिग्री कोर्स न समझें बल्कि इसे भारत की इस गति से जुड़ने का एक उपयोगी साधन मानकर तैयारी करें। आने वाले दशकों में सम्पूर्ण विश्व भारत की औषधियों पर निर्भर होगा। कार्यक्रम के तकनीकी एवं वैज्ञानिक चर्चा सत्र में छात्रों ने वैज्ञानिकों से अपने प्रश्न पूछकर शंका समाधान भी किया। अंत में सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अनुज कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। डॉ आकाश वेद ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

फार्मेसी संकाय के नीलकंठ मणि पुजारी ने कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन किया। मॉडल प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में छात्रों ने मनुष्य के डीएनए, मष्तिस्क, ह्रदय, नेत्र तथा डायलिसिस यूनिट और मेडिसिन डिस्पेंसिंग मशीन इत्यादि मॉडल प्रस्तुत किये। जिनमें ऑटोमैटिक मेडिसिन डिस्पेंसर, मानव नेत्र का सजीव मॉडल एवं हिमोडाइलीसिस का मॉडल सर्वोत्तम घोषित हुआ। कार्यक्रम में एकेटीयू के उपकुलसचिव डॉ राजीव कुमार सिंह, डीन इनोवेशन प्रोफेसर बीएन मिश्रा, के साथ फार्मेसी संकाय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।

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