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घरौनी के लिए गतिमान यूपी

देश में पिछले छह वर्षो के दौरान अनेक अभूतपूर्व सुधार हुए है। विकसित देशों ने अपने यहां ऐसे सुधार बहुत पहले ही शुरू कर दिए थे। लेकिन पिछली सरकारों के दौरान उदारीकरण तो शुरू किया गया,लेकिन उसके अनुरूप माहौल का निर्माण नहीं किया गया। मोदी सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में घरौनी एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी का डिजिटल वितरण किया। प्राॅपर्टी कार्ड के वितरण कार्य का शुभारम्भ हुआ। उत्तर प्रदेश के सैंतीस जनपदों के करीब साढ़े तीन सौ ग्रामों के इकतालीस हजार से अधिक ग्रामीण आवासीय अभिलेखों की हार्ड काॅपी का ग्रामों में वितरण किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना ने गरीबों के हाथ में ताकत सौंपी है। यह योजना गांवों में व्यापक परिवर्तन लाएगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पत्ति सम्बन्धी विवादों में काफी कमी आएगी। ग्रामवासियों को आबादी क्षेत्र में स्थित सम्पत्तियों भवन,प्लाॅट आदि के प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त होंगे। जिनका उपयोग बैंकों से लोन आदि प्राप्त किए जाने में किया जा सकेगा। आबादी क्षेत्र का प्रारम्भिक डाटा तैयार होने से विकास हेतु सरकारी योजनाएं संचालित किए जाने में सुगमता होगी।

स्वामित्व योजना के तहत एक लाख लोगों को अपने घरों का स्वामित्व पत्र या प्राॅपर्टी कार्ड प्रदान किये गए। नरेंद्र मोदी ने कहा कि सम्पत्ति का रिकाॅर्ड एक अधिकार है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। निवेश के लिए नये रास्ते खुलते हैं। सम्पत्ति का रिकाॅर्ड होने से कर्ज आसानी से मिलता है। जमीन और घर के मालिकाना हक की देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है। पिछले छह सालों में पंचायती राज सिस्टम को सशक्त करने के जो प्रयास चल रहे हैं,उनको भी स्वामित्व योजना मजबूत करेगी। पिछले छह वर्षों में गांवों के लिए जितना काम किया गया है, उतना छह दशक में नहीं हुआ। वर्तमान सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से व्यापक परिवर्तन लाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने रिकाॅर्ड संख्या में बैंक खाते खोलने का काम किया। गांवों में सड़क, शौचालय, बिजली की व्यवस्था के साथ ही, उज्ज्वला गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया है। सभी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पाइप पेयजल योजना संचालित की गई है। ऑप्टिकल फाइबर का एक वृहद जाल फैलाया गया है, जिससे लोगों को मोबाइल में बेहतर नेटवर्क की प्राप्ति हो रही है। कृषि क्षेत्र में हुए इस बदलाव से किसानों को असीम सम्भावनाएं प्राप्त होंगी। भारत सरकार की स्वामित्व योजना के अन्तर्गत आधुनिक तकनीक से आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया का कार्य उत्तर प्रदेश में सभी जनपदों में गतिमान है।

प्रारम्भिक चरण में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश के सैंतीस जनपदों के करीब साढ़े तीन सौ ग्रामों में इकतालीस हजार से अधिक ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी तैयार किए जाने का कार्य पूर्ण किया गया। सर्वेक्षण कार्य से पूर्व सम्बन्धित ग्राम तहसील क्षेत्र में ग्राम सभा में बैठकें आयोजित कर ग्रामवासियों को आबादी सर्वेक्षण प्रक्रिया व इसमें होने वाले लाभों की जानकारी दी गयी। ड्रोन की सहायता से बने प्रारम्भिक मानचित्र व गांव की सभी व्यक्तिगत, संस्थागत, अर्द्धसरकारी व सरकारी सम्पत्तियों का भौतिक सत्यापन सर्वेक्षण टीम द्वारा किया गया।

रिपोर्ट-डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

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