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सदर विधायिका ने किया मिशन शक्ति अभियान 4.0 का शुभारम्भ

  • स्वावलंबन कैम्प आयोजित कर दी विशेष जानकारी

  • कन्या सुमंगला योजना के तहत 4668 हजार बेटियों को मिल चुका है लाभ

  • बाल सेवा योजना के तहत 91 बच्चों को प्रतिमाह मिल रहा है चार हजार रुपये

  • लगभग सात हजार से अधिक निराश्रित महिलाओं को मिल रही है विधवा पेंशन

  • Published by- @MrAnshulGaurav
  • Thursday, April 21, 2022

औरैया। महिला कल्याण विभाग के तत्वाधान में जनपद में मिशन शक्ति अभियान “4.0” की शुरुआत गुरुवार से की गयी । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल में मिशन शक्ति अभियान “4.0” का शुभारम्भ सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने फीता काटकर किया।

सदर विधायिका ने किया मिशन शक्ति अभियान 4.0 का शुभारम्भ

इस दौरान, स्वावलम्बन कैंप का आयोजन भी किया गया। कैम्प में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में जानकारी दी गयी। मौके पर सहित जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडे , मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव , अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ शिशिर पूरी , मुख्य चिकित्साधीक्षक अवनीश कुमार एवं महिला कल्याण विभाग के समस्त अधिकारी मौजूद रहे। प्रत्येक 15 दिवसों के अंतराल पर ऐसे कैम्प आयोजित होंगे।

इस दौरान, जिलाधिकारी ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं वह किसी से भी कम नहीं है। मिशन शक्ति का उद्देश्य यही है कि महिलाओं के लिए समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आये तथा महिलाएं व बच्चे विशेषकर बालिकाएं आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हों। सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने कहा कि पहले की महिलाएं समाज में काफी पिछड़ी हुई थी, लेकिन अब हर महिला प्रत्येक स्तर पर सशक्त तथा आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार एवं समाज में योगदान दे रही हैं।

मिशन शक्ति अभियान के द्वारा अब महिलाओं में पहले से अपनी सुरक्षा को लेकर अब जागरूकता बढ़ रही है तथा अपने अधिकार के लिए आगे आ रही हैं। ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडे ने बताया कि हर महिला को अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जिम्मेदार होते हुए कुछ चीजों की जानकारी जरूर होनी चाहिए, सरकार व गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा महिलाओं के हित के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, इन नंबरों को अपने फोन में सेव कर खुद को सुरक्षित रखने का तोहफा दें।

उन्होंने बताया कि 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड लाइन, 102 एम्बूलेंस सेवाएं एवं 108 एंबुलेंस सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय संस्कृति एवं समाज में नारी का स्थान सदैव ही ऊँचा रहा है। शक्ति के विभिन्न स्वरूपों में हम नारी की पूजा करते आये हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की गरिमा, सम्मान के साथ ही उनके सशक्तीकरण के लिए विशेष प्रयत्नशील एवं कार्यरत है। महिलाओं के हित के लिए सरकार द्वारा निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, उ0प्र0 रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित विभिन्न विभागों द्वारा अन्य योजनाएं महिलाओं के लिए संचालित हैं।

महिला कल्याण विभाग द्वारा कि कोविड-19 से मृतक माता -पिता के बच्चें को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत भरण पोषण, शिक्षा आदि के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत 91 बच्चों को प्रतिमाह 4000 रूपये दिए जा रहे हैं। साथ ही कोविड के दौरान सामान्य रूप से हुई मौत में भी अनाथ हुए 105 बच्चों को 2500 रूपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। साथ ही लगभग 4668 बेटियों को कन्या सुमंगला योजना का और निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत लगभग 7,542 महिलाओं को पेंशन दी जा रही है।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर

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