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दिव्यांगता को ताकत बना, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ रही एएनएम मंजू कुमारी

दरभंगा। सदर पीएचसी में कार्यरत एएनएम मंजू कुमारी अपनी कार्यशैली को लेकर विभागीय अधिकारियों के बीच प्रशंसा का पात्र बनी हुई हैं। दिव्यांगता को ताकत बना कर एएनएम सदैव कर्तव्य पथ की ओर अग्रसर हैं। बचपन में मंजू को पैर में पोलियो का आघात हुआ था। तब से उसके एक पैर में समस्या है। लेकिन यह शारीरिक कठिनाई कभी कार्य में बाधा नहीं बनी। सरकार की ओर से चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान में लगातार अपना योगदान दे रही हैं।

कई माह से बिना अवकाश लिए टीकाकरण कार्य में लगी हुई हैं। रोज़ाना सत्र स्थल पर 300 से अधिक लोगों को टीका देती हैं। इस प्रकार अब तक हज़ारों लोगों को वैक्सीन दे चुकी हैं। छुट्टी के दिन भी टीकाकरण स्थल पर मंजू कभी भी पीछे नहीं हटी। लिहाजा सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंजू कुमारी अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। रोजाना टीकाकरण के लिए सुबह 8:00 बजे घर से निकल पड़ती हैं। सत्र स्थलों पर देर शाम तक काम समाप्त करने पर है वापस घर पर लौटती हैं । रोजाना काम करने के तरीके से एएनएम मंजू अन्य कर्मियों को भी प्रेरित कर रही हैं ।

लोगों के काम आने से बढ़कर कुछ भी नहीं: मंजू ने बताया पूरी दुनिया को परेशान कर रही कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। इस मुहिम में लोगों के काम आने से बढ़कर दूसरा कोई पुनित कर्म नहीं है। सामाजिक काम में तसल्ली मिलती है। जब से वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है तब से वह निरंतर इस कार्य को कर्म मानकर जुटी हुई हैं। पिछले कई माह से बिना छुट्टी लेने हुए वह टीकाकरण सत्र स्थल पर जाकर लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीका दे रही हैं। बताया सत्र स्थलों पर भारी भीड़ जुट जाती है।

  • हजारों लोगों को कोरोना से बचाव का दिया टीका।
  • टीकाकरण अभियान की सफलता को ले लोगों को कर रही जागरूक।
  • रोज़ाना सत्र स्थल पर 300 से अधिक लोगों को टीका देती हैं।
  • बिना अवकाश लिए लगातार कर रही टीकाकरण कार्य।
  • सदर पीएचसी में कार्यरत मंजू की कार्यशैली की अधिकारी कर रहे प्रशंसा।

इस दौरान लोगों को प्रोटोकॉल का नियम पालन करने को कहती हैं। साथ ही अन्य लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण का महत्त्व के बारे में भी बताती हैं। खासकर महिलाओं को अन्य लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करने की बात करती हैं। दूसरे दिन वही महिला अन्य लोगों को सत्र स्थल पर लेकर पहुंचती हैं। मंजू को बताती हैं कि उसने अन्य लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। इसका नतीजा है कि लोग बढ़- चढ़कर टीकाकरण कराना चाहते हैं। इस बात को सुनकर मंजू को आत्म संतुष्टि मिलती है।

टीका लेने के लिए पहले लोगों को समझाना पड़ा: मंजू बताती हैं वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत में काफी समस्या हुई। पूरे दिन बैठने के बावजूद इक्का- दुक्का लोग ही टीका लेने के लिए पूछते थे। टीकाकरण के बाद लोगों को अन्य लोगों को भी भेजने के लिए कहती थी। साथ ही आसपास के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से मिलकर ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण के खतरनाक वायरस से बचाव के के लिए टीका लेने को कहती थी। लोगों के बीच फैले अफवाह को दूर करने का प्रयास किया। इसका असर यह हुआ कि लोगों ने वैक्सीनेशन की महत्ता समझी। अब स्थिति बदल गई है। लोग अब जागरूक हुए हैं। लिहाजा उनकी मेहनत रंग लाई। अब टीकाकरण स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ जुटती है। इसे देखकर प्रसन्नता मिलती है।

कभी भी सत्र स्थानों पर जाने से इनकार नहीं किया: सदर पीएससी के प्रभारी डॉ. उमाशंकर प्रसाद एवं हेल्थ मैनेजर रेवती रमण प्रसाद, मंजू के लगातार काम करने से प्रसन्न हैं। हेल्थ मैनेजर ने बताया कोरोना अभियान से मंजू लगातार जुड़ी हुई हैं। अभियान की शुरुआत से अब तक हजारों लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए टीका दे चुकी हैं। शारीरिक समस्या होने के बावजूद मंजू सातों दिन काम करने के लिए तैयार रहती हैं। कभी भी ऐसा नहीं हुआ उसने काम करने से मना किया हो। कहा जब अन्य कर्मी किसी काम को लेकर बहाना करते हैं तो उसको मंजू की कर्तव्यनिष्ठा से सीख लेने की बात कही जाती है। मंजू का काम के प्रति लगाव ही उसे अन्य कर्मियों से अलग करता है।

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