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कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग अभियान के तहत सदर अस्पताल में लगा शिविर

  • 50 लोगों की हुई कैंसर जांच, 2 लोगों में मुख कैंसर के प्रारंभिक लक्षण दिखे
  • नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का जिलाधिकारी ने किया मुआयना
  • लोगों से गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट व खैनी से दूरी बनाने की अपील

औरंगाबाद। जिला में कैंसर रोग के प्रति जागरूकता लाने तथा कैंसर रोगियों को चिन्हित करने को लेकर नि:शुल्क ​कैंसर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इस क्रम में सदर अस्पताल में आमजन के लिए कैंसर जागरूकता तथा जांच शिविर का आयोजन किया गया. मंगलवार को आयोजित किये गये परामर्श शिविर जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने भी भ्रमण कर कैंसर संंबंधी जांच प्रक्रियाओं का मुआयना किया और कैंसर रोगियों के इलाज संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी ली. इस मौके पर उनके साथ सिविल सर्जन डॉ वीरेंदं प्रसाद, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ कुमार महेंद्र प्रताप, टाटा मेमोरियल सेंटर की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मोनिका सिंह और उनकी टीम भी मौजूद रही.

डीएम ने गुटखा व पान मसाला से दूर रहने की अपील की: इस मौके पर जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी ने जिलाधिकारी को कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक करने तथा कैंसर रोगियों को चिन्हित करने संबंधी कार्यों की विस्तार से जानकारी दी. इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कैंसर रोग से बचाव जरूरी है तथा गांव से लेकर शहरों तक इसके मरीज आसानी से चिन्हित नहीं हो पाते हैं. ऐसे में कैंसर जागरूकता एवं जांच शिविर का आयोजन करना महत्वपूर्ण है. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगा कर लोगों की जांच की जाये ताकि विभिन्न प्रकार के कैंसर की पहचान कर उसका ससमय निदान की जा सके.

उन्होंने इस कार्य में आशा की भूमिका पर भी प्रकाश डाला कि वे सभी अपने क्षेत्र में भ्रमण कर इस संबंध में जानकारी प्राप्त करें. आशा को इसके लिए पापुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग की ट्रेनिंग दी गयी है जिसका इस्तेमाल वे कैंसर रोगियों को चिन्हित करने के लिए कर सकती हैं. डीएम ने लोगों से पान, बीड़ी, खैनी और ऐसे ही तत्वों के इस्तेमाल से परहेज करने की अपील भी की.

10 फरवरी तक नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर: गैर संचारी रोग पदाधिकारी ने बताया 10 फरवरी तक नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन होगा. बताया कि कैंसर की संभावना होने पर बायोप्सी व इलाज संंबंधी प्रक्रियाओं के लिए मदद ​की जाती है तथा नि:शुल्क कैंसर इलाज के लिए राज्य के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है. भारत सरकार के ​परमाणु उर्जा विभाग के अधीन संचालित होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (टाटा मे​मोरियल सेंटर) की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मोनिका सिंह ने बताया कि कैंसर जागरूकता एवं स्क्रीनिंग अभियान के तहत मंगलवार को आयोजित कैंप में 50 लोगों के मुख व गरदन आदि की जांच की गयी. इनमें 2 लोगों में मुख कैंसर के प्रारंभिक लक्षण दिखे हैं. बताया कैंसर रोगियों को चिन्हित करने तथा इलाज संबंधी प्रक्रियाओं में सभी प्रकार की सहायता दी जाती है. बीते आठ माह में जिला में दस हजार लोगो की कैंसर जांच की जा चुकी है. इनमें 88 मामलों में मुख कैंसर की प्रबल संभावना है.

लक्षणों की ससमय पहचान से 70 % कैंसर मामले कम होंगे: डॉ

मोनिका सिंह ने बताया बिहार में पहली बार जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री की शुरुआत की गयी है. इसमें मुख कैंसर के मामले सबसे अधिक हैं. इसके बाद महिलाओं में गर्भाशय और स्तन कैंसर के मामले मिले हैं. राज्य में प्रतिवर्ष 1 लाख 40 हजार कैंसर के मामले सामने आते है. इस प्रोग्राम में तीन तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की जाती है जिनमें मुख, स्तन और गर्भाशय कैंसर शामिल है. तीनों कैंसर का इलाज समय से शुरू होने पर राज्य में 70 प्रतिशत कैंसर मामलों को कम किया जा सकता है.

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