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चीन सरहद पर ही साजिश नहीं करता बल्कि अपने मुल्क के लोगों से भी करता है गद्दारी

चीन के कुछ इलाके इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। कुदरत, हिंदुस्तान और अमेरिका के ट्रिपल अटैक से ड्रैगन के होश ठिकाने आ गए हैं। चीन सिर्फ सरहद पर ही साजिश नहीं करता बल्कि अपने मुल्क के लोगों से भी गद्दारी करता है। चीन परकुदरत कहर बरसा तो जिनपिंग ने किसानों को दगा दे दिया। लाल बादशाह ने शहरों को बचाने के लिए बाढ़ का रुख गांव की तरफ कर दिया, जिसकी वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो गई और चीन को बड़ा आर्थिक झटका लग गया।

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सूत्रों के मुताबिक लाल सल्तनत पर आसमान का कहर टूटा और भीषण बारिश की वजह से बाढ़ आ गई, लेकिन जिनपिंग ने कोई समाधान निकालने की बजाय अपने मुल्क से गद्दारी की। जो किसान देश का पेट भरता है, उस किसान को बर्बाद कर दिया। कुछ ऐसा ही दावा एक रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट में दावा है कि चीन में प्रमुख औद्योगिक और बड़े-बड़े शहरों को बचाने के लिए जिनपिंग ने बाढ़ का रास्ता गांवों की तरफ मोड़ दिया। बारिश और बाढ़ का पानी गांवों में छोड़ दिया। बाढ़ की वजह से चीन के दक्षिणी हिस्से में लगी धान की फसल बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई। किसान तो तबाह हो ही गए, लेकिन इसका असर ड्रैगन के पेट पर भी पड़ा। बाढ़ की वजह से देश की फूड सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हो गई।

किसानों से गद्दारी ड्रैगन को पड़ा भारी

चीन में बाढ़ के कारण 13 मिलियन एकड़ की उपजाऊ जमीन डूब गई और करीब 2100 करोड़ डॉलर की फसल बर्बाद हो चुकी है

आसमानी ऑफर बरसने से 5 करोड़ जनता खासकर किसान प्रभावित हैं।

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चीन की कृषि जीडीपी को 1.7 बिलियन डॉलर का नुकसान
इस साल 11.2 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का नुकसान होगा

भले ही बाढ़ की वजह से चीन के किसान पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और ड्रैगन की आर्थिक कमर पूरी तरह से टूट चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी लाल बादशाह की प्राथमिकता में किसान नहीं हैं। उसकी कोशिश है कि किसी भी तरह बाढ़ की विभिषिका से बड़े शहरों को बचाया जाए। फिर चाहे बाढ़ में गांव, खेत और खलिहान बड़े पैमान पर डूबकर भस्म हो जाएं।

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जानकारों का कहना है कि फसलों की भारी बर्बादी से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की कमर टूट चुकी है। कोरोना महामारी के बाद चीन के लिए ये दूसरा बड़ा महासंकट है। चीन के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अनाज के आयात का भी विकल्प नहीं बचा है, क्योंकि दुनिया के तमाम मुल्कों के साथ उसके संबंध बेहद खराब हो चुके हैं और ये बात कोरोना किंग के दीमाग में अच्छी तरह से आ चुकी है। तभी वो भारत, अमेरिका समेत तमाम यूरोपीय देशों से अपने संबंध सुधरना चाहता है। यहां तक अपनी गलतियों के लिए इन देशों से माफी भी मांगने को तैयार है।

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