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सितारों के संग आने वाली टीम की वजह से मंहगा हुआ फिल्म निर्माण, इन हस्तियों ने उठाई है आवाज

बीते कुछ समय से कई बॉलीवुड हस्तियों ने दावा किया है कि फिल्में बनाना उनके लिए अब काफी खर्चीला होता जा रहा है। फिल्में बनाने में निर्माताओं को मोटा पैसा खर्च करना पड़ रहा है और ये खर्चे फिल्म के ऊपर ना हो कर सितारों के संग आने वाली उनकी टीम के ऊपर हो रहा है। कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों ने दावा किया है कि आज कल फिल्मी सितारे अपने साथ अपनी लंबी-चौड़ी टीम साथ लेकर चलते हैं, जिनका खर्चा फिल्म निर्माताओं के जेब से भरा जाता है। ऐसे में जो पैसे फिल्म की बेहतरी और उसकी गुणवता पर खर्च होने थे, वो पैसे इन सितारों की टीम पर खर्च हो जाते हैं। अब इंडस्ट्री में इन खर्चों के विरोध में आवाजें उठने लगी हैं। आज इस लेख में हम चर्चा करेंगे उन फिल्मी हस्तियों की, जिन्होंने इस विषय पर बात की है।

फराह खान
फराह खान बॉलीवुड के दुनिया की एक मशहूर हस्ती हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत उन्होंने बतौर कोरियोग्राफर की थी। उन्होंने बतौर कोरियोग्राफर कई बड़े सितारों के साथ काम किया है और उन्हें अपने इशारों पर नचाया भी है। अपने करियर के अगले पड़ाव में उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। फिल्म ‘मैं हू्ं ना’ से उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी नई पारी की शुरुआत की थी, जो काफी सफल भी रही थी। फराह ने बतौर निर्माता पांच फिल्में बनाई हैं, इसलिए बतौर निर्माता वो इन बातों से भली-भांति परिचित हैं।

उन्होंने भी कई मौकों पर अदाकारों के साथ चलती उनकी लंबी चौड़ी टीम को और उनके बढ़ते खर्चों पर बात की है। उन्होंने एक बार कहा था, ‘मैं इंडस्ट्री में एक बदलाव लाना चाहूंगी कि अभी सितारो के साथ उनकी टीम का खर्च काफी बढ़ गया है। एक अभिनेत्री नौ लोगों की टीम के साथ आती हैं। वहीं, एक अभिनेता अपने साथ आठ लोगों की टीम लेकर आता है। ये पैसे की बर्बादी है। इन पैसों का फिल्म मे कहीं से भी उपयोग नहीं हो पाता। इसे थोड़ा नियंत्रित करना काफी आवश्यक है। वो निर्माताओं पर काफी भारी पड़ता है’।

अनुराग कश्यप
अनुराग कश्यप हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक हैं। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी फिल्मों की अपनी एक अलग शैली है, जिसके तहत वो फिल्में बनाते हैं। उन्होंने ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड में फालतू खर्च काफी होते हैं। फिल्में महंगी हो गईं हैं क्योंकि सितारों की मांग बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा था, ‘लोगों को एक बात समझने की जरूरत है कि जब हम एक फिल्म बनाते हैं, तो हम काम कर रहे होते हैं, हम कुछ बना रहे होते हैं।

यह कोई पिकनिक नहीं है। फिल्म बनाने में बहुत सारा पैसा खर्च नहीं होता, लेकिन यह फालतू चीजों में चला जाता है। आप जंगल के बीच में शूटिंग कर रहे हैं, तो एक कार विशेष रूप से तीन घंटे दूर शहर में भेजी जाएगी, ताकि सितारों को वह फाइव स्टार बर्गर मिल सके जो वह चाहते हैं।’ॉ

कृति सैनन
कृति सैनन हिंदी सिनेमा की जानी मानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपने करियर में कई शानदार फिल्में की हैं। उन्हें साल 2021 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिमी’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। इस वक्त वह अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में हैं। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफल साबित होती जा रही हैं।

उन्होंने भी सितारों की टीम के अनावश्यक खर्चों के कारण लगातार महंगे होते जा रहे फिल्म निर्माण पर बात की थी। उन्होंने फिल्म के कंटेंट के महत्व पर बात करते कहा था, “फिल्म निर्माण के दौरान कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बहुत अधिक अनावश्यक खर्च होता है। हालांकि, अंत में फिल्म का कंटेंट ही है, जो सबसे ज्यादा महत्व रखता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई अभिनेता को कितना भुगतान कर रहा है, यदि आप मुख्य चीजें जैसे कंटेंट, पर ध्यान नहीं दे रहे, तो मुझे नहीं लगता कि बाकी चीजें मायने रखती हैं।” उन्होंने कहा था कि सभी कलाकारों की जिम्मेदारी है कि सेट पर खर्चों को लेकर ध्यान दिया जाए।

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