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धर्म के प्रति हों जागरूक : हर्ष दुबे

द केरला स्टोरी, एक सच्ची घटना के रूप में उभर कर आई है। यह घटना सन 2009 की केरल राज्य के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ घटना घटित हुई। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ हिन्दू लड़कियों को इस्लामिक धर्म को धारण करवाना, हिजाब पहनना और ISIS आतंकवादी संगठन में शामिल करना था। ऐसा करने का मकसद लव जिहाद को बढ़ावा देना, और फिर उन्हें मजबूर करके आतंकी सेना का हिस्सा बनाना था। इस घटना की शिकार करीब 30,000 लड़कियां हईं।

धर्म के प्रति हों जागरूक : हर्ष दुबे

फर्रुखाबाद में रहने वाले हर्ष दुबे ने कहा कि आज कल चर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ बड़ी तेज़ी से चल रही है। यह फिल्म हम सभी हिंदुत्व समाज को जागरूक करने हेतु प्रचलित हुई है, क्योंकि केरल राज्य, जो साक्षरता में देश में अव्वल है, फिर भी यहां हिंदुत्व समाज के लोग बहकावे का शिकार हुए! कारण हिन्दुओं को अपने धर्म के प्रति जागरूक एवम् ज्ञान की जरूरत है। इस फिल्म से सीधा सा तात्पर्य यह है कि हम सभी हिंदुत्व समाज को अपने धर्म के प्रति जागरूक, सतर्क, समझदार एवम् स्वयं की रक्षक के प्रति भी सतर्कता बरतें। जिससे हम सभी हिंदुत्व वर्ग मुस्लिम इस्लामिक दरिंदो का शिकार न हो पाएं और अपने धर्म को सर्वश्रेष्ठ धर्म का पताका लहरा सकें।

👉मानसिक या सामाजिक भेदभाव?

उन्होंने कहा, इस फिल्म में हिन्दू धर्म की लड़कियों को सिर्फ एक मुस्लिम वर्ग की लड़की द्वारा भगवान को नास्तिक और अल्लाह को आस्तिक बताया जा रहे है। क्या यह सही है…? इसी श्रृंखला में उसी मुस्लिम लड़की के द्वारा हिन्दू, क्रिश्चियन लड़कियों को ब्रेन वॉश करके अल्लाह के प्रति प्रेम और आस्था भर दी जाती है और भगवान एवम् गॉड के प्रति नफरत और घृणा पैदा कर दी जाती है। फिर मुस्लिम इस्लामिक समुदाय के लड़के के साथ हिन्दू की लड़की की शादी करवा देना और फिर सीरिया भेज कर ISIS आतंकवादी सगंठन में शामिल करना और शोषण का शिकार होना! इस का सीधा सादा मतलब यह है कि सभी हिंदुत्व समाज के लोग अपने धर्म के प्रति न तो जागरूक है और न ही समझदार!

धर्म के प्रति हों जागरूक : हर्ष दुबे

हमारा समाज दूसरों की बातों और बहकावे के आकर अपने धर्म के आराध्य ईश्वर को भूल जाते हैं और अलग धर्म को धारण करके उसका शिकार होते हैं। इन्हीं सबको देखते हुए हम (हर्ष) अपने सभी हिन्दू भाइयों एवम् बहनों से यह हाथ जोड़कर आग्रह करते है कि हम सभी अपने धर्म, जाति, समुदाय एवम् वर्ग के प्रति जानकार, जागरूक, समझदार, सतर्क बने और अपने आत्म सम्मान की रक्षक के लिए सख़्ती से पेश आएं। क्योंकि केरल जैसी घटनाओं की शिकार देशभर की हजारों बहन-बेटियां हुई हैं। सिर्फ केरला राज्य की घटना ही सबके सामने आई है। अगर हम लोग अभी भी जागरूक नहीं हुए, तो इस तरह की घटनाओं से पूरा देश ग्रसित हो सकता है!

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