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यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल के 2618 व इन्टर के 1610 परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा

जिले के 103 परीक्षा केन्द्रों पर रहा कड़ा पहरा

कई कमरों में बाते करते रहे शिक्षक छात्र हुए परेशान

रायबरेली। कड़ी सुरक्षा व कैमरों की निगरानी में यूपी बोर्ड के बच्चों की परीक्षाओं का आगाज गुरुवार से हो गया है। गुरुवार को अनिवार्य विषय हिन्दी की परीक्षा संपन्न हुई । बोर्ड की परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई प्रथम पाली 8 बजे से 11:15 तक व द्वितीय पाली की परीक्षा 2 बजे से 5:15 तक होगी। इस बार बोर्ड में हाई स्कूल के 35 हजार 179 परीक्षार्थी के सापेक्ष 32561 व इंटर के 26 हजार 844 परीक्षार्थी के सापेक्ष 25234 शामिल हुए। यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन हाईस्कूल के 2618 व इन्टर के 1610 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है।

जिले में परीक्षा के लिए 103 केंद्र बनाए गए हैं। जो सीसीटीवी से लैस हैं। परीक्षा में नजर रखने के लिए सात सचल दस्ते बनाए गए हैं। जिन्होने पूरे जिले में छापेमारी की।

सेंटर लाईव- भईया सब का कुछ नकल हुई सकत है । डलमऊ के एक परीक्षा केंद्र से बाहर निकले एक निरीक्षक से जब एक उनके खास आदमी ने पूछा तो निरीक्षक ने बड़े ही आत्म विश्वास से यह बात कही । वह तपाक से बोल पड़ा कैमरा लगे हैं कैसे नकल होगी वह बोला यह काम सेंटर का है नकल हो जायेगी। पहली बात उसने कही की कापी बदल दी जायेगी दूसरी बात बोला की शौचालय में थोड़ी कैमरा लगा है।यह इशारा काफी है की शिक्षा माफिया किस तरह अभी भी सक्रिय हैं।

निरीक्षक कर रहे थे बात कमरे में पूरे पेपर होती रही आवाज

कई सेंटर ऐसे थे जिनमें परीक्षा ड्यूटी कर रहे निरीक्षक परीक्षा के दौरान बात करते नजर आए । जिससे बच्चे परेशान थे लेकिन इसका कोई प्रभाव इन निरीक्षको पर नही पड़ा । डलमऊ क्षेत्र के एक इन्टर कालेज के बाहर दो बच्चियां परीक्षा दे कर निकल रही थी। उन्हें इस बात का मलाल था कि उनके कमरे में एक दो मैडम लगी थी व एक दूसरे से बात कर रही थी। उनका पेपर कमर नम्बर 6 में था वहा खूब आवाज भी हो रही थी। विभाग का नकल मुक्त का दावा लगभग फेल नजर आया। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक ओम कार राणा ने बताया यदि ऐसा मामला है तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी।
उसी सेंटर से निकली छात्रा सपना व शिप्रा बोली की हिन्दी का पेपर था। वह बहुत ही सरल था। कोई विशेष कठिनाई नही हुई ।

केन्द्रों पर होगी 103 स्टैटिक, 20 सेक्टर और 7 जोनल मजिस्ट्रेट की नजर

बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए जिलाधिकारी ने 7 जोनल मजिस्ट्रेट 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए हैं। यह सभी मजिस्ट्रेट अपने-अपने सेक्टर और जोन में भ्रमण करके परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और परीक्षा पर नजर रखेंगे प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक -एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी लगाया गया है। जो केंद्र व्यवस्थापक से लेकर पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखेगा और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेगा। कुल 103 स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

कंट्रोल रुम से हुई सभी केन्द्रो की निगरानी

जीजीआईसी में बने कंट्रोल रुम से सभी केन्द्रो की निगरानी की जायेगी। जिले के सभी परीक्षा 103 केन्द्रों की निगरानी कंट्रोल रुम से ही हुई । यहीं से सभी केंद्रों मो ऑन स्क्रीन जोड़ा गया है। जिले से ही सभी केन्द्रो की निगरानी हो सकेगी। कंट्रोल रुम में 3 प्रभारी बनाए गए । जिनकी इन केन्द्रों पर नजर रही।

  • साहब क्या ऐसे ही रुकेगी नकल
  • जिले के सेक्टर मजिस्ट्रेट हैं ‘पैदल’

शासन और जिले का शिक्षा महकमा नकल विहीन परीक्षा कराने का भले ही दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है सूत्रों की माने तो नकल रोकने के लिए लगाए गए कई सेक्टर मजिस्ट्रेट को गाड़ियां ही उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वे अपने सेक्टर के परीक्षा केंद्रों तक कैसे पहुंचें यह विभाग की कार्य शैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। कुछ सेक्टर मजिस्ट्रेट जो अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में किसी तरह सेंटर तक पहुंच भी गए तो वहीं जमे रहे और गाड़ी दिए जाने के लिए गुहार लगाते रहे। एक सचल दस्ते के प्रभारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की उन्हे गाड़ी नही मिली तो वह किस सेंटर का जायजा लें। इस बात का खुलासा तब हुआ जब उनसे यह जानकारी चाही गई कि उन्होंने किस किस सेंटर पर छापेमारी की है। इस सवाल के जवाब में पता चला कि वाहन न मिल पाने के कारण सचल दस्ता छापेमारी करने क्षेत्र में जा ही नहीं पाया। इस वारे में जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने वाहन से भ्रमण करना है। जो वाहन उन्हें चाहिए थे।वे मिल गए हैं। अब वाहनों की समस्या नहीं रह गई है। गुरुवार को पहला दिन होने से कुछ परेशानी जरूर हुई।

गौरा के एक सेंटर में एक घन्टे बन्द रहा कैमरा

रायबरेली । जिले के गौरा ब्लाक के एक परीक्षा केंद्र का कैमरा करीब एक घन्टे बन्द रहा । यह चर्चा सेंटर से निकलते बच्चे आपस में करते जा रहे थे की उस कमरे में परीक्षार्थी खूब इधर उधर उठ रहे थे। दूसरा बोल पड़ा तुमको नही मालूम क्या वहां का कैमरा बन्द कर दिया गया था।

पहले दिन रहा निरीक्षकों का टोटा

पहले दिन हिन्दी की परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों का टोटा रहा । अधिकांश वित्तविहीन शिक्षकों ने पहले दिन ज्वाईंन नही किया वहीं कुछ विद्यालयों के वित्त विहीन शिक्षकों का नाम बेबसाईट से हट गया था। उन विद्यालयों के प्रधानाचार्य के उदासीन रवैये से भी कम निरीक्षक ड्यूटी में रहे। काफी शिक्षको के विषय में हिन्दी था इसलिए भी उन्हे नही लगाया का सका इसलिए भी पहले दिन केन्द्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। जबकी इस सम्बंध में जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना था कि करीब 2500 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है कोई दिक्कत नही है।

रिपोर्ट-दुर्गेश मिश्र

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