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जिले के सभी 23 टीबी यूनिट पर एक-एक एमओटीसी तैनात

• संभावित क्षय रोगियों की जांच, उपचार सहित अन्य कार्यों की करेंगे मॉनिटरिंग

वाराणसी। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद में हर स्तर पर नए प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में जनपद के सभी 23 टीबी यूनिट पर एक-एक चिकित्साधिकारी को मेडिकल ऑफिसर टीबी कंट्रोल (एमओटीसी) के रूप में तैनात कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि जनपद में 24 तारीख को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले विश्व क्षय रोग दिवस के लिए ज़ोरों से तैयारियां चल रही हैं।

मुख्यमंत्री के गोद लेने के बाद सीएचसी हाथीबाजार का कायाकल्प

जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से प्रतिदिन क्षय रोग विभाग के समस्त कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उनकी ओर से प्राप्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है। इस दौरान समस्त कर्मचारियों की छुट्टियाँ भी निरस्त कर दी गई हैं। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम स्थापित करना है।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान

सीएमओ ने बताया कि गोद लिए गए क्षयरोगियों को डॉट्स के माध्यम से दी जाने वाली औषधियों को बिना दवा बंद किये सम्पू्र्ण उपचार अवधि में खाने के लिए निक्षय मित्र प्रेरित कर रहे हैं। गोद लिए मरीजों को हर महीने पोषण पोटली दी जा रही है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण इलाज के बाद टीबी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। यह अति आवश्यक है कि क्षय रोगियों को प्रोटीन, विटामिन युक्त आहार मिलता रहे। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में काफी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान

डीटीओ डॉ पीयूष राय ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत जनपद में 23 टीबी यूनिट बनाए गए हैं जिसमें काशीविद्यापीठ, बीएचयू, शिवपुर, सेवापुरी, चौकाघाट, चेतगंज, रामनगर, एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा, राजातालाब, चोलापुर, महमूरगंज, हरहुआ, राजघाट, अराजीलाइन, सिंधौरा, पाण्डेयपुर, फुआरीकला, बड़ागांव, चिरईगांव, दुर्गाकुंड और मिसिरपुर शामिल हैं। इन यूनिट के माध्यम से टीबी मरीजों की जांच, निदान, उपचार, दवा वितरण आदि कार्य संपादित किया जाते हैं।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान

इसके लिए हर टीबी यूनिट पर एक-एक एमओटीसी तैनात कर दिया गया है। बीते सोमवार को सभी एमओटीसी और एसटीएस को प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने बताया कि एमओटीसी संभावित क्षय रोगियों की जांच, उपचार, आदि को देखने के साथ ही सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइज़र (एसटीएस) और सीनियर टीबी लैब सुपरवाइज़र (एसटीएलएस) के कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही कार्य प्रगति की रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय व जिला क्षय रोग अधिकारी को समय से प्रेषित करेंगे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

डीटीओ ने किया गृहभ्रमण-डीटीओ डॉ पीयूष राय ने बीते सोमवार को रविदास घाट के पास दो एमडीआर टीबी मरीजों के घर भ्रमण कर उन्हें आवश्यक जानकारी दी। इनके परिवार की सभी सदस्य स्वस्थ हैं तथा मरीज का वजन भी बढ़ रहा है। इसके अलावा नगवा व शिवाला क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने टीबी से मृत दो व्यक्तियों के घर जाकर जांच से इनकार करने वाले परिवार को समझाया तथा अग्रिम जांच के लिए राजी किया।

रिपोर्ट-संजय गुप्ता 

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