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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को अब तीन साल का समय पूरा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करवाने की कोशिश में लगे हुए हैं। हालांकि, इस बीच रूस के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एपी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव में यूक्रेन से सभी रूसी सैनिकों की तत्काल वापसी की मांग की गई है।
बाध्यकारी नहीं है प्रस्ताव
यूक्रेन की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव रखा गया था कि यूक्रेन से सभी रूसी सैनिकों की तत्काल वापसी हो। यूक्रेन पर रूसी हमले के तीन साल पूरे होने पर रखे गए इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र की ओर से मंजूरी दे दी गई। आपको बता दें कि निकाय के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते हैं। हालांकि, इसे विश्व जनमत का संकेतक माना जाता है।
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भारत ने वोटिंग से बनाई दूरी
संयुक्त राष्ट्र महासभा में कुल 193 देश सदस्य के रूप में मौजूद हैं। इनमें से 93 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया है। वहीं, 18 सदस्यों ने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट किया। भारत समेत 65 देश इस मतदान में अनुपस्थित रहे। इससे पहले आए प्रस्तावों में 140 से ज्यादा देशों ने रूस की आक्रामकता की निंदा की थी और यूक्रेन के 4 क्षेत्रों पर उसके कब्जे को हटाने की मांग की थी।
जेलेंस्की ने पद छोड़ने के लिए रखी शर्त
यूक्रेन पर रूसी हमले के 3 साल पूरे होने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर यूक्रेन को शांति की गारंटी मिलती है या फिर उसे नाटो सैन्य गठबंधन की सदस्यता दी जाती है तो वह अपना पद छोड़ने को तैयार हैं। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर उनके देश को स्थायी शांति प्राप्त होती है तो वह अपना पद छोड़ने को तैयार हैं।