Breaking News

सावन कजरी की तान और मुस्काता किसान

मीनाक्षी सुकुमारन, नोएडा

सावन कजरी की तान और मुस्काता किसान
———————————————–

छम छम रिमझिम रिमझिम
सावन आया लेकर मधुर तान
हर लब पर
कहीं पड़ने लगे झूले
कहीं गूंजने लगे मंगल गीत
कहीं महक मेहंदी की
कहीं खनक कंगन की
छम छम रिमझिम रिमझिम
सावन आया लेकर मधुर तान
हर लब पर
सावन आते ही खिल खिल जाता मन डूब प्यार में सराबोर
इसी में आती राखी और तीज़
एक बहन भाई का त्योहार
एक पति पत्नी का त्योहार
होती महक घेवर और अन्य
पकवानों की
आते ही छम छम रिमझिम फुहार गहरा जाते काले काले
बादल चलती ठंडी ठंडी बयार
नाच उठे मन का मयूर झूम झूम बरसती बूंदो में।।
वहीं सूखी धरती भी लगे मुस्कुराने पा जल का स्पर्श
लहलहा उठें खेत खलिहान मुस्कुरा उठे किसान
देख बरखा से सींचते
अपने खेत खिल खिल
जाता मन उसका
रहेगा न परिवार भूखा
इस तरह सावन छेड़ देता है मीठी तान और मुस्कान हर दिल।।

मीनाक्षी सुकुमारन, नोएडा

About Samar Saleel

Check Also

श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव: पंकज त्रिपाठी और अशोक पाठक ने राग दरबारी का अंश पढ़कर जीता दर्शकों का दिल

लखनऊ (देवेंद्र मिश्र)। श्रीलाल शुक्ल जन्मशती उत्सव (Shri Lal Shukla Birth Centenary Festival) गोमती नगर ...