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ऐरवाकटरा में उपकेन्द्र पर ग्रामीण ने किया अवैध कब्जा, सुल्तानपुर गांव का है मामला

• अधीक्षक बोले 2-3 दिन में खाली न हुआ तो करवायेंगे FIR

बिधूना। एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है वहीं ग्रामीण उन्हें पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही मामला तहसील क्षेत्र के विकास खंड ऐरवाकटरा की ग्राम पंचायत दोवा के सुल्तानपुर गांव में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (स्वास्थ्य उपकेन्द्र) पर देखने को मिला है। जहां पर गांव के एक परिवार ने अवैध कब्जा कर लिया है। केन्द्र पर तैनात सीएचओ के प्रयास से दो कमरे तो खाली हो गये पर दो कमरों पर दबंग परिवार अभी भी कब्जा किए हुए है। यह परिवार वहीं पर बर्तन आदि सब धुलकर गंदगी भी करता है।

उक्त सेंटर में अप्रैल माह में सीएचओ के पद पर प्रिया शर्मा की तैनाती हुई थी। जब वह यहां पर पहुंची तो एक कमरे में भूसा भरा था, एक में ताला पड़ा था जबकि पीछे के दो कमरों में अन्य सामान के साथ गांव का एक परिवार उसमें रह रहा था। जिसके बाद उन्हें यहां की स्थिति से #ऐरवाकटरा सीएचसी के अधीक्षक मोहित कुमार को अवगत कराया जिसके बाद भूसा वाले कमरा समेत दो कमरे खाली हो गये। जिससे सीएचओ को वहां पर बैठने के साथ दवा आदि रखने को जगह मिल सकी।

इसके बाद भी उक्त परिवार पीछे वाले दो कमरों में कब्जा कर अपना निवास बनाए हुए हैं। जबकि इनमें अस्पताल कर्मी ही रह सकते हैं। उक्त परिवार द्वारा सेंटर पर बर्तन आदि धुलकर गंदगी भी की जा रही है। यही नहीं सरकारी हैंडपंप में सबमर्सिबल डाल कर पानी का काफी दुरुपयोग भी किया जा रहा है। सेंटर पर अवैध कब्जे की अप्रैल माह में की गयी शिकायत के बाद भी अभी तक उसे कब्जा मुक्त नहीं कराया गया है।

सीएचओ प्रिया शर्मा ने बताया कि यहां पर उनकी पोस्टिंग अप्रैल में हुई थी। जब वह यहां पर आयी तो जिस कमरे में में वह बैठी है उसमें ताला लगा था, एक कमरे में भूसा भरा था। इसके अलावा अन्य में एक परिवार रहा था। जिसके बाद उन्होंने अपनी ऐरवाकटरा सीएचसी के अधीक्षक से बात की और उनकी मदद लेते हुए इस कमरे का ताला खुलवाया और भूसा वाला कमरा खाली कराया।

बताया कि एक परिवार उपकेन्द्र पर रहा है उससे काफी बार अन्य कमरों को खाली करने के लिए बोला गया पर वह सुनते ही नहीं है। अभी तक अन्य कमरों को खाली नहीं किया गया है। बोरिंग में पड़े सबमर्सिबल के बारे में बताया कि जानकारी नहीं है कि किसका है।

केन्द्र पर आने के लिए सड़क न होने के बारे में पूछने पर बताया कि रास्ते में गड्ढा होने के कारण मरीजों को आने जाने में बहुत दिक्कत होती है। गांव के प्रधान से रास्ता बनवाने के लिए बोला है। यदि रास्ता बन जाता तो अच्छा रहता। कहा कि केन्द्र पर औसत 15-20 मरीज रोज आते हैं। इस संबंध में ऐरवाकटरा सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर मोहित कुमार ने बताया कि सीएचओ द्वारा केन्द्र पर अवैध के बारे में अवगत कराया गया था। मौके पर जाके देखा तो पीछे वाले दो कमरों में एक परिवार का सामान रखा हुआ पाया। जिसके बाद कब्जा करने वाले को जल्द ही कमरों से सामान हटाकर उन्हें खाली करने की चेतावनी दी गयी।

इसके अलावा ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाकर बता दिया गया कि जल्द से जल्द कमरे खाली करायें नहीं तो एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। बताया कि 2-3 दिन में कमरे खाली हो जायेंगे। रास्ता के संबंध में बताया कि सेंटर के सामने रास्ते में बड़ा गड्ढा है। जिसमें पड़ोसियों का सामान भी पड़ा है। प्रधान से बात की तो उन्होंने गड्ढा भरवाने की बात कही है।

रिपोर्ट – संदीप सिंह राठौर/राहुल तिवारी

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