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भाजपा के संरक्षण में शुरु हो गयीं बेख़ौफ़ अपराधियों की अवांछनीय गतिविधियां- अखिलेश

अखिलेश यादव बोले कि राज्य में दोबारा छल-बल से आई भाजपा सरकार से जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और चारों ओर निराशा का कोहराम है। अभी तो शपथ भी नहीं हुई। आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के संरक्षण में अपराधियों ने बिना ख़ौफ़ अपनी अवांछनीय गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रशासनतंत्र भी उन पर हाथ डालने से हिचकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में पहले भी भय और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। अब तो दुबारा सत्ता में आने से असामाजिक तत्वों को अहंकारी नेतृत्व का भी साथ मिल गया है।

चुनाव में मिली करारी हार की वजह से, अखिलेश यादव की तिलमिलाहट शायद काम नहीं हो पा रही है। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा की वापसी पर दुद्धी और सोनभद्र में होली पर बुलडोजर पर हुड़दंगियों ने बारात निकाली और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि राज्य में दोबारा छल-बल से आई भाजपा सरकार से जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और चारों ओर निराशा का कोहराम है। अभी तो शपथ भी नहीं हुई। आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।

छात्रा जब थाने में शिकायत दर्ज कराने गई तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई, उसके साथ अभद्रता भी की गई

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में होली के दिन, घर में घुस कर साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप की विचलित करने वाली घटना प्रकाश में आई है। छात्रा जब थाने में शिकायत दर्ज कराने गई तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं, उसके साथ अभद्रता भी की गई।

बुन्देलखण्ड के किसान और युवा आत्महत्या को मजबूर हैं- अखिलेश यादव

ने युवाओं और किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि भाजपा के झूठे वादों से परेशान होकर बुन्देलखण्ड के किसान और युवा आत्महत्या को मजबूर हैं। 71 दिनों में 76 लोगों ने खुदकुशी की है। न युवाओं को रोजगार, न ही किसानों को उनकी उपज का दाम मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खुदकुशी करने वालों में छात्र, नौजवान, बेरोजगार, किसान, महिलाएं तथा अन्य कई वर्गों के लोग है। किसान और नौजवान की तो बद से बद्त्तर स्थिति है। पीड़ित परिवारों की मदद भी नहीं की जा रही है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार पूर्णतया असंवेदनशील है।

पत्रकार गौरव अग्रवाल की जनहित की आवाज़ को भाजपा सरकार शारीरिक प्रताड़ना से दबाना चाहती है

आज अखिलेश यादव ने आगरा के पत्रकार गौरव अग्रवाल के कंधे का सहारा बनाकर भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार गौरव अग्रवाल की निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित में उठाई गई आवाज़ को भाजपा सरकार शारीरिक प्रताड़ना से दबाना चाहती है, यह निंदनीय है। अरसा पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, एक पत्रकार को ‘नया पत्रकार’ कहकर उसकी बात को तवज़्ज़ो तक न देने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने आज कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न कर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। पत्रकारों को न्याय मिलना चाहिए। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उसे ‘थोथे स्तम्भ‘ में बदलने की साजिश है।

आगरा में सत्ता संरक्षित माफिया डान की धमकी के बाद, राजस्थान पलायन को मजबूर डाक्टर परिवार को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए। पीड़िता ने स्वयं वीडियो जारी कर बयांन किया कि वह कैसे लगातार ब्लैकमेलिंग, एक्सटोर्शन और हमलों की शिकार है। पीड़ित परिवार ने पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराये जाने के साथ दोषियों को कठोर से कठोर सज़ा दिलाये जाने की मांग की है।

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