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संक्रमण की दूसरी लहर इन नए लक्षणों के साथ आई, जानिए जल्दी कैसे संकेतों को पहचानें

हर गुजरते दिन के साथ भारत में कोविड-19 की स्थिति खराब होती जा रही है. देश इस वक्त महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने विचित्र लक्षण की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि ये चिंता की वजह बन रहा है. हालांकि, ज्यादातर आम लक्षणों में खांसी, बुखार, ठंड, सांस की तकलीफ, स्वाद या सूंघने की क्षमता का कम होना, मांसपेशी में दर्द या शरीर में दर्द, सिर दर्द, गले की सूजन शामिल हैं, मगर सबूत मिला है कि वायरस का बदला हुआ रूप विभिन्न लक्षणों को पैदा कर रहा है और ज्यादा संक्रामक साबित हो रहा है.

कोरोना वायरस संक्रमण के नए लक्षण क्या हैं?
कोविड टंग- कोरोना की दूसरी लहर जंगल में आग की तरह फैल रही है और सभी उम्र के लोगों को संक्रमित कर रही है. इस बीच, देश उसके प्रभावों का सामना कर रहा है, लेकिन विचित्र लक्षण ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया है. इसकी विशेषता ये है कि आपका शरीर लार का उत्पादन करने में विफल रहता है, जिसके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि ये आपके मुंह की खराब बैक्टीरिया से रक्षा करता है. इसके अलावा, इस लक्षण वाले लोगों को अपने भोजन को चबाना या सही तरीके से बात करना मुश्किल हो सकता है.

रिपोर्ट में ये भी बताया है कि अन्य खास लक्षण जैसे बहरापन या सुनने में परेशानी, मांसपेशी में दर्द, स्किन का संक्रमण, खराब दृष्टि, पेट की खराबी और कंजक्टिवाइटिस या पिंक आई, जो शायद ही उजागर हुए हैं और ये नए स्ट्रेन के साथ ज्यादा आम हो सकते हैं. उजाला साइगनुस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के डायरेक्टर और संस्थापक डॉक्टर सचिन बजाज कहते हैं, “आज कल हम कोविड के नए स्ट्रेन देख रहे हैं और कुछ नए लक्षण जैसे बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सूखी खांसी और स्वाद के अलावा सूंघनी की क्षमता में कमी की शिकायत मरीजों में पाई जा रही है. कंजक्टिवाइटिस के अलावा, गले में खराश, सिर दर्द, रैशेज, पेट की खराबी, उंगली और अंगूठों के रंग में बदलाव भी हैं. ”

क्या वायरस इस बार ज्यादा तेजी से फैल रहा है?
नई रिसर्च के मुताबिक, केन्ट वेरिएन्ट या ब्रिटिश वेरिएन्ट B.1.1.7 ज्यादा जल्दी और तेजी से अन्य वेरिएन्ट्स के मुकाबले फैलता है. एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक इंटरव्यू में कहा था, “हमने देखा है कि एक मरीज इस बार ज्यादा लोगों को प्रभावित करने में सक्षम है. इससे पूर्व के उछाल मे एक मरीज बीमारी को अपने संपर्क में 30-40 फीसद तक फैला सकता था, मगर इस बार, पाया गया है कि 80-90 फीसद लोग जो उसके संपर्क में आते हैं, कोरोना पॉजिटिव हो जाते हैं.”

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