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मालदीव में भी पाकिस्तान को लगा करारा झटका, कश्मीर पर मिला ऐसा जवाब

कश्मीर मसले को लेकर पाकिस्तान हर चौखट पर पहुंच चुका है और चाहता है कि कश्मीर मामले पर उसे बाकी देशों का साथ मिले लेकिन पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि उसे हर जगह से मायूसी ही मिली है। हालांकि चीन अपनी मजबूरी की वजह से पाकिस्तान का साथ दे रहा है। फिलहाल यूएनएससी में कश्मीर मसले पर झटका लगने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

बता दें कि मालदीव की संसद में भी पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर का मुद्दा उठाया गया, जहां उसे करारा झटका लगा है। मालदीव की संसद में कश्मीर का मामला उठाने पर उसे भारत की तरफ से करारा जवाब मिला है।

पाक की तरफ से इस मुद्दे को जब मालदीव संसद में उठाया गया तो वहां मौजूद भारत के राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कश्मीर पर बोलने वाले पाकिस्तान के प्रतिनिधि को रोका और कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। इस पर किसी और को बोलने का हक नहीं है। अहम बात ये है कि इस मुद्दे पर भारत को मालदीव का भी साथ मिला। बता दें कि दक्षिण एशियाई देशों की संसदों के अध्यक्षों के चौथे शिखर सम्मेलन मालदीव में हो रहा है। जिसमें भाग लेने के लिए भारत की ओर से राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश प्रसाद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मालदीव गए हुए हैं।

पाक की तरफ से कश्मीर मसला उठाए जाने के बाद भारत की आपत्ति पर मालदीव संसद के स्पीकर ने भारत को भरोसा दिया कि कश्मीर पर दिए गए सभी बयानों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इस बीच हरिवंश ने पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा कि अपने नागरिकों पर जुल्म करने वाला देश मानवाधिकार की नसीहत ना दे।

बता दें कि ‘सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति’ विषय पर दक्षिण एशियाई देशों की संसदों के अध्यक्षों के चौथे शिखर सम्मेलन का आयोजन मालदीव में हो रहा है। जिसमें भारत की ओर से राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरवंश प्रसाद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हिस्सा लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा की महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव और राज्यसभा के महासचिव देश दीपक वर्मा भी शामिल हैं।

वहीं, पाकिस्तान की ओर से नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी और सीनेटर कुरात अल ऐन शामिल हुए। इस सम्मेलन में भारत के अलावा अफगानिस्तान, बांग्लदेश, भूटान, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की संसदों के अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारी पहुंचे हैं।

दो दिवसीय सम्मेलन के तीन सत्रों के दौरान शिष्टमंडल ‘समान पारिश्रमिक और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के साथ ही कार्य में समानता को बढ़ावा देना’, ‘सतत विकास लक्ष्य दो और तीन-एशिया प्रशांत क्षेत्र में मातृ शिशु और किशोरों के लिए स्वास्थ्य के सहायक के रूप में पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त करना’ और ‘पर्यावरण परिवर्तन संबंधी वैश्विक एजेंडे को बढ़ावा देना- पेरिस समझौते को लागू करने संबंधी चुनौतियों से निपटना और इसके क्षेत्रीय एजेंडे को सुदृढ़ करने के लिए अवसरों का उपयोग करना’ विषयों पर चर्चा होनी है।

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