अटल सुवचन

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी आज 93 साल के हो गए हैं। भारत के राजनीतिक इतिहास में अपनी अटल छाप छोड़ने वाले अटल जी आज भी सभी के यादव में जवान हैं। 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्‍में अटल जी का जन्मदिन पूरा देश मना रहा है। आज उनके जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में अटल जी के ये 10 सुवचन तो जरूर पढ़ना चाहि‍ए।

अटल सुवचन:

  • हिन्दू धर्म के अनुसार जीवन का न प्रारंभ है और न अंत ही यह एक अनंत चक्र है
  • हिन्दू धर्म तथा संस्कृति की एक बड़ी विशेषता समय के साथ बदलने की उसकी क्षमता रही है ।
  • देश एक मंदिर है, हम पुजारी हैं । राष्ट्रदेव की पूजा में हमें अपने को समर्पित कर देना चाहिए ।
  • आप दोस्तों को बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसियों को नहीं।
  • कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता है कि देश मूल्यों के संकट में फंसा है।
  • कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता है कि देश मूल्यों के संकट में फंसा है ।
  • निराशा की अमावस की गहन निशा के अंधकार में हम अपना मस्तक आत्म-गौरव के साथ तनिक ऊंचा उठाकर देखें ।
  • किसी भी मुल्क को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक साझदारी का हिस्सा होने का ढोंग नहीं करना चाहिए, जबकि वो आतंकवाद को बढाने , उकसाने , और प्रायोजित करने में लगा हो।
  • पहले एक अन्तर्निहित दृढ विश्वास था कि संयुक्त राष्ट्र अपने घटक राज्यों की कुल शक्ति की तुलना में अधिक शक्तिशाली होगा।
  • राज्य को, व्यक्तिगत सम्पत्ति को जब चाहे तब जप्त कर लेने का अधिकार देना एक खतरनाक चीज होगी।

About Samar Saleel

Check Also

मथुरा में यूपी पुलिस के दो सिपाहियों की शर्मनाक करतूत आई सामने

मथुरा में यूपी पुलिस के दो सिपाहियों की शर्मनाक करतूत सामने आई है। इन सिपाहियों ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *