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100 दिन में किए विकास के कई काम-योगी

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपनी सरकार के सौ दिन पूरा होने पर काम-काज का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए एक बुकलेट जारी किया। ‘‘100 दिन विश्वास के’’ नाम से जारी इस बुकलेट के मुख्य पृष्ठ भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर है। इसके अन्दर सभी विभागों के अब तक किए मुख्य कार्यों का जिक्र है। इस मौके पर मुख्यमंत्री से साथ दोनों उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और दिनेश शर्मा सहित कैबिनेट के सदस्य मौजूद रहे।

100 दिन का समय बहुत कम :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी सरकार की उपलब्धियों और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेृतत्व में पार्टी की नीतियों पर भरोसा करते हुए विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक बहुमत प्रदान करने के लिए एक बार फिर जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने परिवर्तन, विकास और गरीबों के सशक्तिकरण के संकल्प के साथ 19 मार्च को शपथ गहण की थी। किसी भी राज्य में परिवर्तन और विकास के लिहाज से 100 दिन बेहद छोटा कार्यकाल होता है। खासतौर से यूपी जैसे राज्य के लिए सीमित संसाधनों के बीच यह बड़ी चुनौती है, जिसे हमने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यूपी को एकात्म मानववाद के प्रणेता दीन दयाल उपाध्याय की जन्भूमि का गौरव प्राप्त है। उनकी जन्मशती पर हमें कार्यभार ग्रहण करने का गौरव मिला। दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के सपनों को साकार करने की दिशा में 100 दिनों का हमारा कार्यकाल प्रभावी पहल है।

केन्द्र की तर्ज पर सबका साथ सबका विकास:

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार यूपी को विकास और खुशहाली के रास्ते पर ले जाने का काम प्रारम्भ कर चुकी है। इस लक्ष्य को हासिल करेन के लिए हमनें अपने चुनावी संकल्प पत्र के वादे पूरे करने के साथ अहम निर्णय लिये हैं। केन्द्र सरकार ने सुशासन के जरिए सबका साथ सबका विकास का जो संकल्प लिया है, उसका अनुसरण प्रदेश सरकार कर रही है।

पिछली सरकारों ने परिवारवाद/भ्रष्टाचार को दिया बढ़ावा:

उन्होंने कहा कि बीते 14-15 सालों में उ.प्र. प्रगति के पथ पर पिछड़ गया था। सत्ता पर काबिज रही अन्य दलों की सरकारें भ्रष्टाचार, परिवारवाद को बढ़ावा देती रहीं, विकास अवरूद्ध रहा और कानून व्यवस्था बेहद खराब रही, इसलिए हमारी सरकार ने अविलम्ब कार्यवाही शुरू की। सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम कर रही है। भोजना, आवास, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत जरूरतों के साथ कानून व्यवस्था को चाक चैबन्द करने के लिए हम सर्तक हंै। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही युवाओं की शिक्षा, रोजगार के लिए ठोस प्रयास किये गए हैं। इस वर्ष 2017 को हमने गरीब कल्याण वर्ष मनाने का फैस्ला लिया है,वहीं 24 जनवरी उ.प्र. दिवस के रूप में मनाने का फैसला भी हमारी सरकार ने लिया है।

किसान सबसे पहले:

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था खेती पर आधारित है। गांव और किसान की वर्तमान स्थिति में सुधार आये बिना प्रदेश प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ेगा। इसलिए किसान को प्राथमिकता पर सरकार ने रखा है। खाद और बीजों के पर्याप्त इंतजाम से लेकर फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद पिछले साल की अपेक्षा चार गुना अधिक हुई है। पिछले वर्ष जहां 07 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई, वहीं इस बार यह आंकड़ा 36 लाख मीट्रिक टन रहा।

जनता पर नहीं पड़ेगा 36 हजार करोड़ के वित्तीय बोझ का असर:

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसके साथ ही हमने 22 हजार 517 करोड़ से अधिक बकाया गन्ना भुगतान की राशि प्रदान की। पहली कैबिनेट बैठक में 31 मार्च 2016 तक के 01 लाख रूपए तक के फसली ऋण को माफ किया गया। इस तरह सरकार के फैसले से 86 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इससे 36 हजार करोड़ रूपए का वित्तीय बोझ पड़ा है, लेकिन इसका असर आम जनता पर नहीं पड़ने दिया जायेगा।

एक लाख 21 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क गड्ढ़ामुक्त:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम आवास योजना केे तहत ग्रामीण क्षेत्र में इस वर्ष 09 लाख 70 हजार से अधिक आवास बनाये जा रहे हैं। इसके अलावा हमने तकनीक आधारित पारदर्शी खनन नीति लागू की है। वेब पोर्टल लाॅन्च किया है, जिससे व्यवस्था में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 01 लाख 21 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढ़ामुक्त किया जा चुका है।
आधी आबादी के हित में लिए गए निर्णय:

योगी आदित्यनाथ ने प्रयाग में अद्धकुम्भ के लिए अभी से प्रयास किए जा रहे हैं। गंगा की सफाई पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वहीं एण्टी भू माफिया पोर्टल लान्च करते हुए अब तक 5 हजार 891 हेक्टेएर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करते हुए खाली कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाल-नीली बत्ती कल्चर को भी खत्म किया और महिलाओं-छात्राओं की सुरक्षा के लिए बनाये एण्टी रोमियो दल से भी उन्हें लाभ मिला है। वहीं 181 टोल फ्री नम्बर लान्च किया गया है, जिस पर चैबीस घण्टे कोई भी पीड़ित महिला या बालिका सहायता प्राप्त कर सकती है। कॉल करने वाली पीड़िता को रेस्क्यू वैन के जरिए ‘181’ हेल्पलाइन की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान करेगी।

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अक्टूबर 2018 तक यूपी को ओडीएफ:

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही राज्य सरकार की प्रभावी पैरवी की बदौलत जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को केन्द्र सरकार ने हरी झण्डी दी है। उन्होंने कि इसके अलावा प्रदेश सरकार अक्टूबर 2018 तक पूरे प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करते हुए ओडीएफ घोषित करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत भी किए जा रहे कार्यों का जिक्र किया और कहा कि तीन नए शहरों झांसी, इलाहाबाद और अलीगढ़ को भी इसमें शामिल कर लिया गया है, जबकि मेरठ, सहारनपुर, रामपुर और गाजियाबाद को शामिल कराने के लिए हम प्रयासरत हैं।

बिजली क्षेत्र में हुआ बेहतर सुधार:

100 दिन में बिजली व्यवस्था में सुधार का हवाला देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिला मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसील और बुन्देलखण्ड को 20 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे बिजली बीती 14 अप्रैल से दी जा रही है। बिजली में वीआईपी कल्चर को खत्म किया गया है इसके साथ ही चैबीस घण्टे बिजली मुहैया कराने के लिए केन्द्र सरकार के साथ पाॅवर फाॅर आॅल पर हस्ताक्षर किए गए हैं, शहरी क्षेत्र के बीपीएल परिवार को निःशुक्ल बिजली कनेक्शन प्रदान करने के साथ सभी धार्मिक स्थलों को चैबीस घण्टे बिजली मुहैया करायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजस्थान परिवहन निगम से समझौता किया गया है, इससे दोनों राज्यों की जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए अब तक दी जाने वाली धनराशि को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रूपए किया गया तथा गाजियाबाद में कैलास मानसरोवर भवन बनाया जा रहा है, जिसमें यात्री ठहर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में बदलाव के लिए भी हम काम कर रहे हैं। स्कूलों में सम्पूर्ण ड्रेस के साथ बस्ता, किताबें, जूता-मोजा आदि प्रदान किया जा रहे हैं। कौशल विकास मिशन के जरिए रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है तो इंसेफलाइटिस से प्रभावित 38 जिलों में टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। सरकार बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनाने के लिए भी प्रयासरत है। लखनऊ मेट्रो जल्द ही शुरू होगी, वहीं अन्य शहरों में इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। अयोध्या और मथुरा-वृन्दावन को नगर निगम का दर्जा देने का काम भी हमारी सरकार ने किया है, वहीं नई औद्योगिक नीति भी जल्द लागू की जायेगी।
योगी सरकार के 100 दिन 

1-चिकित्सकों की उपलब्धता बनाए रखने की दृष्टि से जनहित में सेवानिवृत्ति की उम्र को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दिया गया है।

2-भारत सरकार के सहयोग से 150 एडवान्स लाईफ सपोर्ट (ए.एल.एस.) एम्बुलेंस सेवाओं का शुभारम्भ।

3-1000 चिकित्सकों के पदों को वाॅक-इन इण्टरव्यू के माध्यम से भरे जाने का निर्णय लिया गया है।

4-कार्यरत चिकित्साधिकारियों में से जो चिकित्साधिकारी 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्त होना चाहें, उन्हें विकल्प प्रदान करने तथा चिकित्सा सेवाओं में गुणात्मक सुधार के दृष्टिकोण से 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके ऐसे चिकित्साधिकारी, जिनका कार्य संतोषजनक नहीं है, उनकी स्क्रीनिंग करते हुए सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया है।

5-चिकित्सकों के स्थानान्तरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण बनाए जाने हेतु विभाग में प्रभम बार मानव सम्पदा साफ्टवेयर के माध्यम से आनलाइन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया है।

6-इंसेफलाइटिस के लिहाज से संवेदनशील 38 जिलों में टीकाकरण अभियान चलाया गया है। अब तक 88 लाख 62 हजार बच्चों को प्रतिरोधक टीके लगाये गये। विभिन्न जनपदों में पण्डित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य कैम्प लगाकर 87 लाख बच्चों का युद्धस्तर पर टीकाकरण कराया गया है।

7-गरीब जनता को जेनेरिक दवाईयां सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सकें, इसके लिए समस्त राजकीय चिकित्सालयों में जेनरिक औषधियों की उपलब्धता हेतु प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

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