लखनऊ (दया शंकर चौधरी)। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) लखनऊ शाखा कार्यालय द्वारा होटल कम्फर्ट इन, गोमतीनगर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शाखा प्रमुख एवं वरिष्ठ निदेशक सुधीर बिश्नोई ने (Senior Director Sudhir Bishnoi) BIS द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों और हालिया अभियानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा (Protection of Consumers), बाजार में गुणवत्ताहीन उत्पादों (Substandard Products) पर कार्रवाई, अनिवार्य प्रमाणन योजनाओं और उपभोक्ता जागरूकता अभियानों (Consumer Awareness Campaigns) पर प्रकाश डाला।
प्रेस वार्ता के दौरान निदेशक ने बताया कि हाल के दिनों में BIS ने गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए गये हैं। इस कड़ी में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेज़न के वेयरहाउस पर छापा मारा गया, जहां से बड़ी मात्रा में अवमानक उत्पाद, जैसे कि खिलौने और हैंड ब्लेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा, नॉन-हॉलमार्क ज्वेलरी बेचने वाले विक्रेताओं और फर्जी हॉलमार्क टेस्टिंग लैब्स पर छापेमारी की गई। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य बाजार में गैर-मानक उत्पादों की बिक्री को रोकना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध कराना है।
नए उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन योजना
श्री बिश्नोई ने बताया कि BIS ने प्लाईवुड, फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल उपकरण और लेदर फुटवियर जैसे कई नए उत्पादों को अनिवार्य प्रमाणन योजना में शामिल किया है। जिसके तहत अब इन उत्पादों को बिना BIS प्रमाणन के बेचना या बाजार में उपलब्ध कराना अवैध होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुपालन न करने वाली विनिर्माण इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं तक केवल मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद ही पहुंचें।
BIS केयर ऐप: उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी उपकरण
शाखा प्रमुख ने बताया कि BIS उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए BIS केयर ऐप का प्रचार-प्रसार कर रहा है। यह ऐप उपभोक्ताओं को किसी भी उत्पाद पर मौजूद ISI चिह्न, हॉलमार्क और आर-मार्क की प्रामाणिकता की जांच करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से ग्राहक यह जानकारी कर सकते हैं कि खरीदा गया उत्पाद मानकों के अनुरूप है या नहीं, जिससे उन्हें ठगी से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, इस ऐप में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी जोड़ी गई है, जिससे उपभोक्ता किसी भी अवमानक उत्पाद या मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सीधे BIS को शिकायत कर सकते हैं।
उपभोक्ता जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम
प्रेस वार्ता में बताया गया कि BIS केवल उत्पाद प्रमाणन और छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए विभिन्न अभियान भी चला रहा है। “स्टैंडर्ड क्लब” के माध्यम से स्कूल और कॉलेज के छात्रों के बीच मानकों से संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। “स्टैंडर्ड क्लब” का विस्तार करते हुए अब विधि और मैनेजमेंट के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। इससे छात्रों को उद्योगों में गुणवत्ता मानकों की भूमिका, उपभोक्ता अधिकार और उत्पाद प्रमाणन की प्रक्रिया की गहन समझ मिलेगी। औद्योगिक इकाइयों में “एक्सपोज़र विजिट” के तहत युवाओं को गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न वर्कशॉप और सेमिनारों के माध्यम से व्यवसायियों और उपभोक्ताओं को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति ग्रामीण भारत में जागरूकता अभियान
BIS केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत में भी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चला रहा है। निदेशक ने बताया कि BIS ने उत्तर प्रदेश के 45 जिलों की 41,020 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके माध्यम से उन्हें गुणवत्तायुक्त उत्पादों की पहचान करने और अवमानक उत्पादों से बचने की जानकारी दी गई।
“क्वालिटी कनेक्ट प्रोग्राम” का विस्तार
श्री बिश्नोई ने बताया कि BIS लखनऊ शाखा ने “क्वालिटी कनेक्ट प्रोग्राम” के तहत अपनी पहलों का विस्तार किया है। इस पहल के अंतर्गत, अधिकाधिक विभागों और सरकारी अधिकारियों तक मानकों के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा रहा है, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा को एक नया आयाम दिया जा सके।
BIS की मुहिम से उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
BIS की ये सभी पहल उपभोक्ताओं को गुणवत्ता युक्त और सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही हैं। निदेशक ने प्रेस वार्ता में सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसके BIS प्रमाणन की जांच करें, और यदि कोई अवमानक उत्पाद बाजार में उपलब्ध हो तो BIS को इसकी जानकारी दें।