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सीएमओ ने जिला पुरुष अस्पताल से किया पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

2149 बूथों पर नौनिहालों ने ली दो बूंद जिंदगी की

आज से घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाएंगी पल्स पोलियो की टीम

कानपुर नगर। पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है। इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका, जबकि भारत में पोलियो उन्मूलन संभव हो गया। चूंकि पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मौजूद हैं, इसलिए एहतियातन भारत के भी हर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो से पूर्ण प्रतिरक्षित किया जाना अनिवार्य है । इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने पाल्यों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक रंजन ने जिला पुरुष अस्पताल, उर्सला से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि 19 से 23 सितंबर तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की दवा पिलाएंगी।

सीएमओ ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए समस्त उप जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, जिला पूर्ति अधिकारी, नगर निकायों से संबंधित अधिकारियों और जिला पंचायती राज अधिकारी को पत्र भेजे गये हैं। इस पत्र के जरिये दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों में बूथ दिवस पर रैलियां निकाली गयी हैं और पल्स पोलियो अभियान के प्रति जागरूकता के संदेश दिये गये। आईसीडीएस विभाग से कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को केंद्र पर दवा पिलवाएं, जबकि तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों के माताओं को प्रेरित कर दवा पिलाई जाए।

राजस्व विभाग, आपूर्ति विभाग, पंचायती राज विभाग और नगर निकाय से जुड़े लोगों से इंकारी परिवारों को प्रेरित कर उनके बच्चों को पोलियों की दवा पिलवाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर 23 अक्टूबर 2018 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक पोलियो के दो सौ संक्रमणों में से एक संक्रमण अपरिवर्तनीय पक्षाघात (आमतौर पर पैरों में) में बदल जाता है। ऐसे पक्षाघात पीड़ित में से पांच से दस फीसदी की मौत हो जाती है। ऐसे में इस जटिल बीमारी के प्रति संपूर्ण प्रतिरक्षण अति आवश्यक है।

उद्घाटन अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके कन्नौजिया, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और यूएनडीपी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे,

रविशंकर निवासी घंटाघर का सरकारी टीकों में पूर्ण विश्वास है। उनका बड़ा बेटा विक्की चार साल है जबकि बेटी 1.5 साल की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों को पोलियो की सभी ड्रॉप पिलवाई है और सभी प्रकार के टीके सरकारी टीकाकरण केंद्र से ही लगवाए हैं। इससे उनके दोनों बच्चे स्वस्थ हैं । पोलियो के ड्रॉप के कारण कभी भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। टीका लगने के बाद बुखार आता है जो सामान्य प्रभाव है। बच्चों को बुखार की दवा दी जाती है और वह ठीक हो जाते हैं। सभी लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए और नियमित टीकाकरण भी कराना चाहिए।

अभियान: एक नजर में

कुल लक्षित घर- 10 लाख 45 हजार 783
लक्षित लाभार्थी बच्चे- 5 लाख 66 हजार 197
पर्यवेक्षक- 580
गृह भ्रमण टीम- 1850
ट्रांजिट टीम- 112
मोबाइल टीम- 70

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर 

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