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आंगनबाड़ी केंद्रों पर हुई स्वस्थ बालक बालिका स्पर्धा, जनपद के 2134 केंद्रों पर हुआ आयोजन

प्रत्येक केंद्र के विजेता 6392 बालक-बालिका को दो अक्टूबर को किया जाएगा सम्मानित

कानपुर नगर। स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता गुरुवार को जनपद के 2134 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित हुई जिसमें छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों ने प्रतियोगिता किया। प्रतियोगिता में 6392 बच्चों का प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान का विजेता घोषित किया गया। प्रतियोगिता को लेकर अभिभावकों में भी जबरदस्त उत्साह रहा। यह जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) दुर्गेश प्रताप सिंह ने दी।

डीपीओ ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर उनमें सशक्त प्रतिस्पर्धा थी लेकिन मानकों को ध्यान में रखते हुए 6392 बच्चे ही स्वस्थ चयनित किए गए। इन बच्चों का चयन निर्धारित मानकों के आधार पर किया गया। विजेता बच्चों को दो अक्टूबर गांधी जयंती पर पुरस्कृत किया जाएगा। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य सुपोषित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना का साकार करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और पोषण की महत्ता पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। ज्यादातर केन्द्रों पर विजेता बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए संबन्धित बाल विकास परियोजना अधिकारी ने काफी, बिस्कुट या बच्चों की पसंद का कोई दूसरा उपहार दिया।

उन्होंने बताया की कि राज्य पोषण मिशन निदेशक के निर्देश पर गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बच्चों के अभिभावकों और परिवारिक सदस्यों को जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस, ग्रोथ चार्ट और कम्यूनिटी ग्रोथ चार्ट के जरिये बच्चों का मापन किया गया । सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन लेने के बाद वजन, लंबाई और ऊंचाई की फीडिंग पोषण ट्रैकर पर की गयी । प्रतियोगिता के बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की प्रथम, द्वितीय, तृतीय रैकिंग की गयी ।

इन मानकों के हिसाब से मिलें अंक

स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता में मासिक वृद्धि निगरानी के पांच, व्यक्तिगत स्वच्छता के 10, सामान्य श्रेणी में बने रहने या फिर सैम से मैम और मैम से सामान्य श्रेणी में आने पर 10 अंक, छह माह तक केवल स्तनपान, दो वर्ष तक स्तनपान और अनुपूरक पुष्टाहार का नियमित सेवन और पांच वर्ष तक प्राप्त होने वाले अनुपूरक पुष्टाहार का नियमित सेवन करने पर 10 अंक, समय से टीकाकरण के 10 अंक और समय पर कीड़े निकालने की दवा खाने के पांच अंक दिए गए। प्राप्त अंकों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पोषण पंचायत के सदस्य, ग्राम सभा के प्रतिनिधि, एएनएम, आशा और स्थानीय शिक्षक ने प्रतियोगिता में सफल बच्चों को नामित किया।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर 

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