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मोदी मैजिक से असहाय हुआ विपक्ष, कोरोना काल में भी जनता से नहीं जुड़ पा रहा विपक्ष

लखनऊ। कांग्रेस, सपा व बसपा सहित अन्य विपक्षी राजनैतिक दलों को कल रात नौ बजे नौ मिनट की राष्ट्र व्यापी दिवाली के बहुतेरे चित्रों देखने के बाद देश व्यापी ताली-थाली वादन के भी तमाम चित्रों को भी देखना चाहिए। कोरोना काल के दोनों अनुष्ठानों के चित्रों को देखकर यही लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की बात अडानी, अम्बानी, टाटा, बच्चन ही नहीं, बल्कि बैजू, बलराम, चोखे, भरोसे भी सुन रहे हैं और मान रहे हैं।


मैं यहाँ कोरोना जैसी वैश्विक महामारी और दुष्कर लॉक डाउन के दौर में कोई राजनैतिक विचार नहीं प्रकट कर रहा हूँ। मेरी तो चाहत बस इतनी है कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक बहुत मजबूत विपक्ष हो। उसमें सरकार के गलत कार्यों, योजनाओं को रोकने की क्षमता हो। जनता की बात हर पटल पर रखने का साहस हो।

वर्तमान समय में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक विपक्ष बड़ा असहाय नजर आ रहा है। अब तो आलम यह है कि विपक्ष की बातें जनता को समझ में ही नहीं आ रही हैं। ठीक इसी तरह विपक्ष भी आमजन की कोई बात, कोई मंशा समझ नहीं पा रहा है। एक लोकतांत्रिक देश के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं मानी जाती है। देश को सरकार और समाज में रचनात्मक भूमिका निभाने वाले विपक्ष की सख्त आवश्यकता है।


हालांकि, आमजन प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ता ही चला जा रहा है। कोरोना के आतंक के साये में भी जनता सिर्फ और सिर्फ मोदी की तरफ देख रही है। यदि किसी अपवाद की बात न करें तो जनता अब केवल मोदी की भाषा ही समझ रही है। कोरोना काल में मोदी के आवाहन पर विगत 22 मार्च को पूरे देश में जनता ने स्वयं अपने लिए कर्फ्यू लगाया था। यह भारत के इतिहास में शायद पहली बार ही था।

उसी दिन शाम को पूरे देश ने एक समय में कोरोना फाइटर्स के सम्मान में ताली-थाली का जोरदार वादन किया था। फिर पांच अप्रैल को पूरे देश में नौ बजे नौ मिनट की दिवाली मनाई गई। यहाँ तक कि विदेश में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने भी कोरोना को हराने के लिए ताली-थाली वादन और नौ मिनट की दिवाली मनाई थी। इन दोनों कार्यक्रमों में देश वासियों की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि पूरे भारत में मोदी मैजिक ही चल रहा है।

बहरहाल, देश का मूड देखकर यही लग रहा है कि जनता जनार्दन का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ही यकीन रह गया है। कम संख्या में ही सही, किंतु देश का मुसलमान भी भाजपा से जुड़ गया है। सवर्णों के साथ दलित और पिछड़े पहले से ही भाजपा का गुणगान करने लगे थे। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मास्टर स्ट्रोक मोदी मैजिक को और अधिक ताकतवर बना रहा है।ऐसे में विपक्ष को अपनी खोई जमीन तलाशने के लिए बहुत पसीना बहाना होगा। सबसे पहले राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती सहित देश के अन्य विपक्षी नेताओं को जनता की नब्ज पकड़नी होगी। क्योंकि, विपक्ष कोरोना काल में भी जनता से नहीं जुड़ पा रहा है।

रिपोर्ट-नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान

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