इस ‘ब्‍लड ग्रुप’ वालों को कोरोना संक्रमण का ज्‍यादा ‘खतरा’

देश में हुए एक सर्वे के मुताबिक स्मोकिंग करने वाले और शाकाहारी लोगों में कोरोना के संक्रमण का खतरा कम रहता है।

यह सर्वे देश की संस्‍था कांउसलिंग फॉर साइंटि‍फि‍क एंड इंडस्‍ट्र‍ीयल रिसर्च ने की है। इस सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि ओ ब्‍लड ग्रुप वालों को कोरोना के संक्रमण का खतरा कम है। जबकि बी और एबी ग्रुप वालों को ज्‍यादा खतरा है।

कांउसलिंग फॉर साइंटि‍फि‍क एंड इंडस्‍ट्र‍ीयल रिसर्च यानी सीएसआईआर ने यह सर्वे देशभर के 10 हजार 427 लोगों पर रिसर्च कर किया। इनमें वो लोग शामिल थे, जो देशभर की सीएसआईआर की अलग-अलग प्रयोगशालाओं में काम करते हैं। हालांकि उन्‍हें इस बात की आजादी दी गई थी कि वे चाहे तो ही इस रिसर्च में भाग लें।

Loading...

इस रिसर्च का मकसद था कोरोना के खि‍लाफ लोगों में एंटीबॉडीज की मौजूदगी के बारे में पता लगाना।

स्‍टडी में शामिल विशेषज्ञों ने मीडि‍या को बताया कि इस दौरान यह बात भी सामने आई कि स्‍मोकिंग यानी धुम्रपान करने वाले लोगों में कोरोना के संक्रमण का खतरा कम होता है। हालांकि यह बेहद हैरान करने वाली बात है क्‍योंकि स्‍मोकिंग से सबसे ज्‍यादा नुकसान फेफड़ों को ही होता है, लेकिन यहां स्‍मोकिंग कोरोना से फेफड़ों को बचा रही है।

इससे पहले न्‍यूयॉर्क, इटली, फ्रांस और चीन की रिसर्च में भी यही बात सामने आई थी। इसके साथ ही रिसर्च में कहा गया है कि जो लोग सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करते हैं, सिक्‍योरिटी जॉब वाले, मेड और नॉन-वेजिटेरियन यानी मांसाहार का सेवन करने वालों को कोरोना का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में ज्‍यादा है। जबकि कुछ समय पहले भारत में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने लोगों को धुम्रपान से बचने की सलाह दी थी।

Loading...

About Ankit Singh

Check Also

विश्व श्रवण दिवस: बदलती जीवन शैली से प्रभावित हो रही सुनने की क्षमता

🔊 खबर सुनने के लिए क्लिक करें जयपुर। बदलते दौर में कोरोना, लॉकडाउन और बदलती ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *