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गौवंश को शिकारी कुत्तों का निवाला बनने से बचाया, अब अमित खुद ही करेंगे उसकी सेवा

लखनऊ। मानव जीवन का उद्देश्य है कि मनुष्य अपने मन, वचन और शरीर से औरों की मदद करे। अक्सर यह देखा भी गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, उनका ईश्वर भी समय समय पर साथ देते हैं। धर्म की शुरूआत ओब्लाइजिंग नेचर से होती है। जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं, उसी पल खुशी की शुरुआत हो जाती हैं। किसी की मदद करके उसके बदले मिलने वाली ख़ुशी का शायद ही अंदाजा लगाया जा सकता है, वो भी तब जबकि आप ने किसी असहाय जीव के प्राण की रक्षा की हो।

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कुछ ऐसा ही मामला आज इंदिरा नगर के सी ब्लॉक में देखने को मिला। जहां मानस इन्क्लेव में रहने वाले अमित सिंह डब्लू (73929 16889) सुबह करीब 12 बजे किसी काम से इंदिरा नगर आए हुए थे। यहां चर्च रोड पर एक नवजात बछड़े को अपना निवाला बनाने के लिए दर्जनभर कुत्ते उसका पीछा कर रहे थे। तभी उधर से निकल रहे अमित सिंह से जान बचाकर भाग रहे नवजात बछड़े को आवारा कुत्तों से बचा कर नगर निगम को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंचे निगम दस्ते ने बछड़े के साथ ही उसकी माँ को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन गाय उनकी पकड़ से दूर निकल गई।

मज़बूरी में वो लोग गाय के बछड़े को वही छोड़कर वापस लौट गये। इस दौरान वहां मौजूद रहे अमित चाह कर भी बछड़े को अकेला छोड़कर नहीं जा सके और उन्होंने अपने एक सहयोगी को बुलाकर गाय को तलाशना शुरू किया। कुछ देर तलाशने के बाद उन्होंने बछड़े को उसकी माँ से मिलवा दिया, और उसे सुरक्षित स्थान पर लाकर छोड़ दिया। गाय और उसका बच्चा अब सुरक्षित है, यह पूछने पर अमित सिंह ने बताया कि अगर कल सुबह भी कोई इस गाय और बछड़े को लेने नहीं आया तो वह इसको ले जाकर खुद ही गौसेवा करेंगे।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी

एक बछड़े और गाय कि यह रिपोर्ट इस लिए भी काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि ना जाने ऐसे कितने नौवजात गौवंश और गायें होंगी जो किसी ना किसी घटना का शिकार हो जाते हैं। गौ पालको द्वारा दूध ना देने की दशा में छोड़े जाने के चलते ही आज उत्तर प्रदेश समेत आस पास के राज्यों में अन्ना पशुओं की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिसको लेकर किसानों के सामने उनकी फ़सल बर्बाद होने तक की नौबत आ जाती है। सरकार की लाख कोशिशो के बावजूद भी इस समस्या का उपयुक्त प्रबंध नहीं करो पा रही है। इन सब समस्याओं के बीच अमित सिंह जैसे सैकड़ों लोग आज भी समाज में निस्वार्थ भाव से अन्ना पशुओं की देखभाल करने में जुटे हुए हैं। जिससे सबक लेते हुए अन्य लोग भी इन बेज़ुबान जानवरों की रक्षा के लिए अपना योगदान दें, तभी इन बेज़ुबान गौ माँ की रक्षा की जा सकेगी !

            अनुपम चौहान

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