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साकार हो रहा है गरीबों का सपना

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
  डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

गरीबों के लिए अपने घर का सपना विलक्षण होता है। रोज कमाने खाने की जुगत में उनकी जिंदगी आगे बढ़ती रही है। पीढियां निकल जाती है। अपने घर का सपना आंखों में ही समाया रहता है। इन्हें आकार देने या साकार करने की नौबत ही नहीं आती। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सभी बेघर गरीबों के लिए अपना घर का अभियान चलाया। योजना नई नहीं थी।

लेकिन पिछली सरकार के नेता इसके उल्लेख से बचते है। वह यह नहीं कहते कि हमारी योजना को वर्तमान सरकार क्रियान्वित कर रही है। वह जानते है कि ऐसा कहने का उल्टा असर होगा। वर्तमान व पूर्व सरकार की गति पर तुलना होने लगेगी। इसमें पिछली सरकारों के लिए गर्व जैसी कोई बात नहीं होगी। वर्तमान सरकार के मुकाबले वह बहुत पीछे दिखाई देंगी। केंद्र व उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार इस रास्ते पर बहुत आगे निकल चुकी है। इन्होंने गरीबों को आवास देने का अभूतपूर्व अध्याय बना दिया है। नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का बचपन गरीबी में बीता। वह गरीबों की कठिनाइयों को समझते है। समाज सेवा में आने के बाद भी इन्होंने अपने लिए धन दौलत नहीं बनाई। गरीबों के कल्याण हेतु अनेक योजनाएं बनाई। उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया।

लखनऊ में एक साथ हजारों गरीबों को आवास की चाभी सौंपने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। अपने ढंग का यह सबसे बड़ा आयोजन था। इसके पहले एक साथ इतने गरीब परिवारों को मकान का मालिकाना अधिकार नहीं मिला था। इसमें भी अस्सी प्रतिशत महिलाएं थी। नरेंद्र मोदी ने कई लाभार्थियों से संवाद किया। सभी भावुक थे। लेकिन कुछ निंदकों को गरीबों की यह खुशी दिखाई नहीं दी। वह एक महिला द्वारा कही गई लाइन पर अटक गई। उसने प्रधानमंत्री के पूंछने पर बताया था कि अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिला। यह सामान्य बात थी।

गरीबों के कल्याण की ऐसी अनेक योजनाएं है जिन्हें क्रमशः उन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ समय पहले गरीबों से धैर्य रखने को कहा था। उनका कहना था कि जिनको सुविधाओं का लाभ नहीं मिला,उन्हें निराश नहीं होना चाहिए। उनकी भी बारी आएगी। वह भी लाभान्वित होंगे। जितने आवास,शौचालय आदि बन रहे है,वह भी कम नहीं है। शायद यही कारण था कि नरेंद्र मोदी को पिछली सरकार के साथ तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करना पड़ा। नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि केंद्र व उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने गरीबों को आवास देने में कोई रुचि नहीं दिखाई थी। पिछली उत्तर प्रदेश सरकार को अठारह हजार से अधिक घरों को मंजूरी दी गई थी,किंतु उस समय अठारह घरों का निर्माण भी नहीं किया गया था।

योगी आदित्यनाथ जी की वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद नौ लाख से अधिक आवास इकाइयां शहरी गरीबों को सौंप दी गईं और चौदह लाख इकाइयां निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। ये घर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। सात वर्ष पहले तक गरीबों के लिए निर्मित किये जाने वाले घरों के आकार की कोई स्थायी नीति नहीं थी। मोदी सरकार ने गरीबों के लिए निर्मित किये जाने वाले आवासों के आकार के सम्बन्ध में एक स्पष्ट नीति बनायी। इस नीति में यह निर्धारित किया गया कि गरीबों के लिए बनाए जाने वाले घरों का आकार बाइस वर्गमीटर से कम नहीं होगा। आज गरीबों को अपना घर निर्मित करने और उसका डिजाइन अपने ढंग से बनाने की आजादी है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को बड़ी संख्या में पक्के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वंचित वर्गाें के लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की यह विश्व की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के अंतर्गत निर्मित अस्सी प्रतिशत घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर की जा रही है। अथवा वह उसकी संयुक्त स्वामी हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित घरों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गतशहरों में एक करोड़ तेरह लाख से अधिक घरों के निर्माण को स्वीकृति दी है। इसमें से पचास लाख से ज्यादा घर बनाकर गरीबों को सौंपा भी जा चुका है। तीन करोड़ गरीब परिवारों को लखपति बनने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों में बिजली, पानी,शौचालय इत्यादि की सुविधा दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत परिवार को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जा गया है। वर्तमान सरकार ने पीएमएवाई के तहत एक लाख करोड़ रुपये की धनराशि गरीबों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गयी है।

शहरों में मजदूरों को किराए के आवास उपलब्ध कराने की दिशा कार्य चल रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बयालीस लाख से अधिक निर्धन आवास बनाये गए है। प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दो करोड़ इकसठ लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश शत प्रतिशत ओडीएफ।हो गया है। पांच वर्ष पूर्व प्रदेश में ओडीएफ शहरों की संख्या मात्र पन्द्रह थी। जबकि वर्तमान में साढ़े छह सौ से अधिक नगरीय निकाय ओडीएफ,करीब छह सौ नगरीय निकाय ओडीएफ प्लस तथा तीस नगरीय निकाय ओडीएफ प्लस प्लस घोषित किये जा चुके हैं। आज देश में गरीब व्यक्ति बिना भेदभाव के पारदर्शी व्यवस्था के साथ पक्के मकान प्रदान किये जा रहे हैं। प्रदेश के शहरी क्षेत्र के सत्रह लाख परिवारों को पक्के आवास की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जिसमें नौ लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। इनमें पचहत्तर हजार आवासों में नरेंद्र की उपस्थिति में गृह प्रवेश कराया गया है। हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाने वाली लाइट हाउस परियोजना के लिए देश के छह चयनित नगरों में प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी शामिल है। लाइट हाउस परियोजना के तहत नवीन तकनीक से सस्ते व अच्छे आवास निर्मित कराये जा रहे हैं।

लखनऊ में गतिमान लाइट हाउस परियोजना के कार्याें को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के ज्यादातर आवासों को आवंटित किया जा चुका है। अमृत योजना के तहत साठ नगरीय निकायों में ग्यारह हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इसके तहत पेयजल,सीवरेज, हरित क्षेत्र और पार्क विकसित किये गये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश के सत्रह नगर निगमों में से दस नगर निगमों को स्मार्ट सिटी मिशन में चयनित किया गया है। शेष सात नगर निगमों को प्रदेश सरकार स्मार्ट सिटी बनाने का कार्य कर रही है। इस प्रकार प्रदेश के सभी सत्रह नगर निगमों में स्मार्ट सिटी मिशन के कार्य क्रियान्वित किये जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से सात लाख से अधिक स्ट्रीट वेण्डर्स को बैंकों से लोन उपलब्ध कराने में सफलता प्राप्त की है। आने वाले समय में डेढ़ लाख स्ट्रीट वेण्डर्स को और जोड़ा जाएगा। इस योजना के लाभार्थियों के चयन तथा उन्हें ऋण उपलब्ध कराने में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है।

अमृत योजना के द्वितीय चरण का शुभारम्भ किया है। द्वितीय चरण में नगरीय क्षेत्रों को कचरे से पूरी तरह मुक्त रखा जाए। प्रदेश के नगरों को पूरी तरह कचरामुक्त करने,शहरों को जल सुरक्षित बनाने और यह सुनिश्चित करने कि कहीं भी सीवेज का गन्दा नाला नदियों में न गिरे, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ मिशन मोड पर कार्य करेगी। मोदी सरकार के दौरान नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश सात गुना तक बढ़ा है। केन्द्र सरकार द्वारा लोगों को बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन तथा अमृत योजना का दूसरा चरण प्रारम्भ किया गया है।

नरेन्द्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर न्यू अर्बन इण्डिया थीम पर आधारित कॉन्फ्रेन्स कम एक्सपो का शुभारम्भ किया था। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत बनाये गये आवासों की चाबी उत्तर प्रदेश के पचहत्तर जिलों के पचहत्तर हजार लाभार्थियों को सौंपी थी। उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर,इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम एवं नगरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा अमृत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न शहरों में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा निर्मित पेयजल एवं सीवरेज की पचहत्तर विकास परियोजनाओं का लोकर्पण शिलान्यास किया।

महानगरों के लिए पचहत्तर स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का डिजिटल फ्लैग ऑफ भी किया। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के विभिन्न प्रमुख मिशनों के तहत क्रियान्वित पचहत्तर परियोजनाओं के ब्यौरे वाली एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की। प्रधानमंत्री ने लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी पीठ का डिजिटल शुभारम्भ भी किया था।

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