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विश्वविद्यालयों ने परीक्षाओं पर रोक लगा कर होनहारों के साथ किया विश्वासघात

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल उ0प्र0 के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या तथा छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर ने स्नातक और परास्नातक परीक्षाओं से प्रदेश के लाखों व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को वंचित करके प्रदेश के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से इन विश्वविद्यालयों के प्रशासन ने बी0ए0, बी0काम0 तथा एम0ए0 और एम0काम0 की व्यक्तिगत परीक्षाओं पर रोक लगाकर ऐसे होनहार युवाओं को धोखा दिया है जो परिस्थितिवश किसी न किसी रोजगार अथवा नौकरी करते हुये स्नातक और परास्नातक की परीक्षाएं पास करते थे क्योंकि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनकी शिक्षा छूट जाती थी।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था लागू होने से कमजोर आर्थिक स्थिति अथवा अन्य किसी कारणवश संस्थागत परीक्षाओं से वंचित हुये लाखों लोग अपनी उच्च शिक्षा सम्बन्धी भावनाएं भी पूरी नहीं कर पायेंगे और न ही अच्छी सरकारी नौकरी के योग्य बन पायेंगे।

इस प्रकार व्यक्तिगत परीक्षाओं पर रोक लगने से प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यवधान होने से प्रदेश सरकार भी सवालों के घेरे में खड़ी होगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि जिस देश में दूरस्थ शिक्षा के साथ साथ मुक्त विश्वविद्यालयी शिक्षा की व्यवस्था हो वहां पर प्राइवेट परीक्षा देकर यदि कोई अपना भविष्य संवारना चाहता है तो सरकार का दायित्व है कि उसे प्रोत्साहित किया जाय और प्रत्येक सम्भव अवसर प्रदान किया जाय।

रालोद के वरिष्ठ नेता ने उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवम् कुलाधिपति से इस सन्दर्भ में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुये कहा है कि राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या तथा छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपतियों से जानकारी प्राप्त करके प्रदेश के लाखों व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के भविष्य को संवारने में अपने योगदान द्वारा परीक्षाएं संचालित रहने का आदेश देने की कृपा करें जिससे कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रह जाए।

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