सूर्य नगरी जोधपुर

जोधपुर.जिसे थार रेगिस्तान का द्वार कहा जाता है, राजस्थान प्रदेश का दूसरा बड़ा शहर है। यह करीब पांच शताब्दियों तक मारवाड़ की राजधानी रहा है।
जोधपुर जिसे सूर्य नगरी के नाम से भी जाना जाता है, पर्यटकों के लि, अपना अलद महत्व रखता है। यहां का मुख्य आकर्षण पन्द्रहवीं शताब्दी में बना मेहरानगढ़ किला है, जिसे देश का अभेद्य दुर्ग होने का गौरव प्राप्त है। करीब 125 मीटर ऊंचाई में पहाड़ी पर बने इस दुर्ग की अजेय प्राचीर पर अपनी दृष्टि डालेंगे तो इसकी शिल्प रचना देखकर दांग रह जायेंगे.किले के अंदर की सुंदर कारीगरी को देखकर आपको सुखद आश्चर्य  होगा.यहां के विशाल प्रांगण में चहलकदमी करते हुए आप महल में स्थित अद्भुत वस्तुओं से सजा संग्रहालय भी देख सकते हैं।
जोधपुर के अन्य पर्यटन स्थलों में मारवाड़ की मूल राजधानी श्मंडोरश् है जहां पत्थरों को तराशकर 15 विशालकाय आकर्षक प्रतिमाएं बनाई गयीं हैं.महामंदिर, जिसका निर्माण 1812 ईसवीं में हुआ था, की सुंदर वास्तु-कला बरबस ही आपके मुंह से वाह निकलवा लेती है।
जोधपुर भ्रमण के दौरान आप यहां के बाजारों को आनन्द भी ले सकते हैं। सोजती गेट, नई सड़क, घंटाघर, त्रिपोलिया बाजार और पैलेस रोड ऐसी जगहें हैं जहां आपको बंधेज की साडि़यां व दुपट्टे, चमड़े की जूतियां, अर्ध-मूल्यवान रत्न, चांदी के सामान व जेवर, राजस्थानी चित्र विभिन्न धातुओं की छोटी-बड़ी मूर्तियां, लकड़ी पर नक्काशी का काम आदि इतनी विविधता में देखने को मिलेगी कि आप असमंजस में पड़ जायेंगे कि क्या छोड़ें और क्या खरीदें। रसोई-घर के लिए भी यहां की प्रसिद्द लाल मिर्च, खुशबूदार पिसा धनिया, स्थानीय कैर-सारंगीश् खरीदना मत भूलियेगा, यह आपके खाने के स्वाद को बढ़ाते हुए जोधपुर की याद दिलाते रहेंगे. बाजार में घूमते हुए आप यहां के प्रसिद्द तीखा-चटपटा, मिर्ची-वड़ा, मावा कचैरी, लस्सी, रबड़ी, लड्डू वगैरह का आनन्द भी ले सकते हैं.

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