Maharashtra : अंतरजातीय विवाह के लिए बनेगा कानून

मुंबई। महाराष्ट्र Maharashtra सरकार अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत प्रेम विवाह करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह जानकारी राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री राजकुमार बडोले ने दी।

Maharashtra सरकार के मंत्री

Maharashtra सरकार के मंत्री ने कहा कि अपनी जाति या धर्म से बाहर विवाह करने वाले युवाओं को सामाजिक बहिष्कार और सम्मान के नाम पर हत्या (ऑनर किलिंग) जैसी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार का मकसद कानून बनाकर युवाओं को इन तकलीफों से बचाकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

देश में ऑनर किलिंग के मामले
गौरतलब है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के तहत देश में ऑनर किलिंग के मामले में महाराष्ट्र का नंबर 4 है। बडोले ने कहा कि अलग-अलग जातियों और धर्मों में शादी करने वालों को लाभों से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाहों को संरक्षण देने वाले कानून में कई खामियां हैं।
सबसे बड़ी खामी यह है कि यदि अंतरजातीय विवाह करने वाली लड़की पिछड़े वर्ग की है और लड़का सामान्य वर्ग का है, तो उनकी संतान को पिछड़े वर्ग के लाभ नहीं मिलते। अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवाओं की संतानों को भी वही लाभ और रियायतें मिलेंगी, जिसके हकदार उनके अभिभावक हैं। सरकार नए कानून में इसका ध्यान रखेगी।

 

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