बीएमजीएफ टीम ने फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर बने रोगी सहायता समूह द्वारा किये जा रहे कार्यों का लिया जायजा

सचेंडी और बिनौर के गांवों में फाइलेरिया सहायता समूह के मरीजों का जाना हाल

सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के बारे में भी ली जानकारी

डीएमओ के साथ बैठक कर टीम के सदस्यों ने दिये अहम सुझाव

कानपुर। स्वास्थ्य विभाग जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन के संकल्प को साकार करने में जुटा है । इसको लेकर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही रोगी सहायता समूह द्वारा कई गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) की अंतरराष्ट्रीय टीम ने जिले के ब्लॉक कल्याणपुर में सचेंडी और बिनौर गांवों में पहुंचकर फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर किये जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। बीएमजीएफ की टीम ने रोगी सहायता समूह द्वारा किये जा रहे प्रयासों व चुनौतियों के बारे में जाना। इस दौरान उन्होने आशा कार्यकर्ताओ से दवा सेवन के विषय में जानकारी ली। इसके साथ ही फाइलेरिया मरीजों की चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।

बीएमजीएफ की टीम ने सर्वप्रथम मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित जिला मलेरिया कार्यालय में जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह के साथ बैठक की। साथ ही फाइलेरिया मरीजों को दी जा रहीं सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और हाइड्रोसील मरीजों के ऑपरेशन की सुविधा के बारे में भी जाना । सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम के तहत परिवार रजिस्टर की भी जांच की। इस दौरान संचारी रोगों के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन , सेण्टर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार ), पाथ और पीसीआई संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

टीम ने ब्लॉक कल्याणपुर के गाँव बिनौर में रोगी सहायता समूह माता सागर देवी के सदस्यों से मुलाकात की। टीम के सदस्यों ने समूह के मरीजों से बात कर जाना कि वह सभी इस रोग के प्रति कितने सजग हैं। समूह के सदस्यों ने अपने अनुभव भी साझा किये। मरीजों ने बताया – हमारा प्रयास है कि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक बनें ताकि जिन दिक्कतों का सामना हमें करना पड़ा है, उसका सामना उनको न करना पड़े। हाइड्रोसील वाले मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा मुहैया कराने के बारे में भी कहा गया। राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने मरीजों को अन्य जरूरी सुविधाओ को हर हाल में उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।

बिनौर से टीम रवाना होकर सचेंडी गाँव पहुंची और फ़ाईलेरिया क्लस्टर फोरम के सदस्यों के साथ बैठक की। 15 सदस्यीय इस क्लस्टर फोरम में नौ महिलायें और छह पुरुष हैं। सभी सदस्यों ने बताया कि फाइलेरिया की रोकथाम के लिये विभिन्न संस्थाओं द्वारा भरपूर प्रयास किये जा रहें हैं। क्लस्टर फोरम सदस्य रघुवीर ने फ्लिप बुक के माध्यम से बताया कि कैसे वह इसका इस्तेमाल करके गाँव के लोगो को फाइलेरिया के बारे में बताते हैं। सदस्य कैलाश ने भी बताया कि वह नहीं चाहते की जनपद में यह बीमारी और फैले इसके लिये वह हरसंभव प्रयास करते हैं। लोगों को जागरुक करने के साथ ही आगामी आईडीए राउंड में वह पूरा सहयोग करेंगे। बीएमजीएफ टीम ने रोगी सहायता समूह के सदस्यों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सरहाना की और आगामी आईडीए राउंड में सभी को दवा सेवन कराने में सहयोग की अपील की।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर 

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