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छठ पूजा में उगते सूर्य को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य, व्रत का हुआ पारण

• प्रसाद वितरण के साथ ही सम्पन्न हुआ चार दिनों तक चलने वाला पर्व।

अयोध्या /अम्बेडकरनगर। लोक आस्था एवं सूर्य उपासना का पर्व छठ पूजा का चौथा दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भोर होने के पहले गाजे बाजे साथ देवी गीतों के साथ अपने अपने निर्धारित घाटों सरोवरों पर व्रती व परिवारजन उपस्थित हो गये। भगवान् सूर्य के उदय होने का इंतजार करने लगे।

छठ पूजा में उगते सूर्य को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य, व्रत का हुआ पारण

सूर्य के दर्शन होते ही व्रती अर्घ्य देने लगीं। इस दिन को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूजा का समापन किया गया। उगते हुए सूर्य के अर्घ्य को ‘ऊषा अर्घ्य’ के नाम से भी जाना जाता है।इस दिन व्रती महिलाएं सुबह उगते हुए सूर्य को नदी के घाटों व तालाबों सरोवरों पर जाकर कमर तक पानी में अर्घ्य दिया।

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इसके साथ ही छठी मैया और सूर्य भगवान की आराधना किया और अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना किया। परिवार के सुख समृद्धि की प्रार्थना किया। कच्चे दूध और जल एवं प्रसाद खाकर अपने व्रत का पारण किया। राम नगरी के नया घाट, राम पैढी, गुपतार घाट में व्रती महिलाओं एवं परिवार के लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। नगर क्षेत्र में भी व्रती ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।

छठ पूजा में उगते सूर्य को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य, व्रत का हुआ पारण

ग्रामीण क्षेत्रों में भी मडहा नदी व तालाबों, सरोवरों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सोहावल, मिल्कीपुर, बीकापुर, पूराबाजार, मया बाजार, नगर पंचायत गोसाईगंज सहित गांवों में व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रत का पारण किया। प्रसाद वितरण किया गया।

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राम नगरी से सटा जनपद अम्बेडकरनगर में नगरीय क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छठ पूजा के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। नगर व शहजाद पुर में तमसा नदी के तट पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। व्रती टांडा में सरयू नदी के महादेवा घाट पर अर्घ्य दिया। राजे सुल्तानपुर सरयू नदी में कमरहिया घाट पर व्रती अर्घ्य दिया।

छठ पूजा में उगते सूर्य को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य, व्रत का हुआ पारण

इसके अलावा बसखारी रामनगर, जहाँगीर गंज, जलालपुर, महरूआ, मालीपुर, कटेहरी भीटी आदि बाजारों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सरोवरों, तालाबों में उगते सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया एवं व्रत का पारण किया, प्रसाद बांटे गए। चार दिनों तक चलने वाला पर्व का समापन हो गया।

रिपोर्ट-जय प्रकाश सिंह

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