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Journalists को जान बूझकर रखा गया कमजोर : राज्य सूचना आयुक्त

Lucknow Journalists Association के तत्वाधान में नवसंवत्सर स्वागत और होली मिलन कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य उपस्थित रहे एवं सभी ने वहां पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में राज्य सूचना आयुक्त श्री उस्मान ने कहा कि पत्रकारों को जान बूझकर कमजोर रखा गया है जिससे महलों में बैठने वाले मजबूत बने रहें।

Journalists टीम भावना से काम करें : अजय कुमार

Lucknow Journalists Association के तत्वाधान में लखनऊ के नगर निगम की त्रिलोकीनाथ हॉल में नवसंवत्सर स्वागत और होली मिलन कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया। इस कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया , वरिष्ठ पत्रकार श्री अजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रमोद गोस्वामी, वरिष्ठ पत्रकार श्री रामदत्त त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार श्री वीरेंद्र सक्सेना , वरिष्ठ पत्रकार श्री सत्यवीर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री निरंकार सिंह, उपजा महामंत्री रमेश चंद्र जैन,वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री,वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रांशु मिश्र,वरिष्ठ पत्रकार नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार श्री शिवशंकर गोस्वामी, वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रदीप विश्वकर्मा, वरिष्ठ पत्रकार श्री तारकेश्वर मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार श्री आंनद प्रकाश सिंह, प्रांत सह कार्यवाह श्री प्रशांत भाटिया(संघ), राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफ़िज़ उस्मान, विधान परिषद सदस्य डॉ0 राजपाल कश्यप, वरिष्ठ छायाकार श्री शैलेश गुप्ता, वरिष्ठ छायाकार श्री संदीप रस्तोगी, वरिष्ठ छायाकार श्री इंद्रेश रस्तोगी,शिक्षाविद श्री पवन सिंह चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ0 इंदू सुभाष,श्री विशाल मिश्र( सीईओ, कैवल्य कम्युनिकेशन) आदि गणमान्य उपस्थित रहे।

इया अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री, वरिष्ठ पत्रकार श्री नीरज श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार श्री वीरेंद्र सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनुभव शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रद्युम्न तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार श्री दिलीप सिन्हा ने भी अपने अपने विचार रखे।कार्यक्रम में राजधानी के विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और समाचार माध्यमों में कार्यरत करीब 250 से अधिक पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

लोकतंत्र की सेहत ठीक रखने के लिए पत्रकारों का स्वस्थ और सानंद रहना आवश्यक

मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रांशु मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा की पत्रकारों के बीच स्नेहमिलन के आयोजन होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा लोकतंत्र के रक्षक की भूमिका में मीडियाकर्मियों के समक्ष बहुत चुनौतियां हैं। लघु और मध्यम समाचार माध्यमों की लगातार समस्याएं बढ़ रही हैं। लोकतंत्र की सेहत ठीक रहे इसके लिए जरुरी है कि पत्रकारों का स्वास्थ्य ठीक रहे और वो सानंद रहें।

पत्रकार समाज का चिकित्सक

केजीएमयू के प्रो. संदीप तिवारी ने कहा कि मीडिया समाज को दिशा देने का काम करते हैं। पत्रकारों की भूमिका भी समाज में चिकित्सकों की तरह होती है।आज समाज को दिशा देने वालों की हालात ठीक नहीं है। मीडियाकर्मियों की आमदनी भी दोगुनी हो, इसके प्रयास किए जाने चाहिए।

इस तरह के कार्यक्रमों से पत्रकार साथियों का आपसी भाईचारा मजबूत होता है-  शिवशंकर गोस्वामी (वरिष्ठ पत्रकार)

नेता भी बिना पत्रकार के आधारहीन

एमएलसी डॉ राजपाल कश्यप ने कहा कि पत्रकार एक ऐसी कड़ी है, जिसके बगैर कोई भी कब्यब नेता नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा की आज के समाज में तीन स्तंभों की बेहतर व्यवस्थाएं हैं किन्तु मीडिया के हालात अब भी ख़राब है। चुनौतियां से जूझते पत्रकारों के प्रति सरकारों की सहयोगात्मक रवैया होना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मीडिया की निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने बताया कि सपा सरकार में पत्रकारों के लिए आकस्मिक निधि और पीजीआई में मुफ्त इलाज की सुविधाएं दी गईं।

पत्रकारों में एकजुटता के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनी रहनी चाहिए-मनमोहन (वरिष्ठ पत्रकार)

पत्रकारों की बेहतरी के लिए महापौर के नाते और व्यक्तिगत भी हमेशा योगदान करती रहूंगी

महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि भारतीय नव संवत्सर के आयोजन होना बदलाव का प्रतीक है। पत्रकारों की बेहतरी के लिए महापौर के नाते और व्यक्तिगत भी हमेशा योगदान करती रहूंगी। इसी के साथ उन्होंने सभी को नव संवत्सर और होली की हार्दिक बधाई दी।

ऐसे आयोजनों से चेतना और उल्लास बढ़ता है। साथ ही इस तरह के स्नेहमिलन आयोजनों से आपसी समरसता भी बढ़ती है-वीरेंद्र सक्सेना (पूर्व सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार)

छोटी-छोटी गलतियों पर अलग रहने के बजाय हम एक हो जाएं

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री सत्यवीर सिंह ने कहा कि “जिंदगी में ये हुनर भी आजमाना चाहिए, जंग जब अपनों से हो तो हार जाना चाहिए।”

उन्होंने शायरी की माध्यम से उपस्थित पत्रकार साथियों को सन्देश देते हुए कहा की ‘हम दूर रहेंगे तो समस्याएं बनी रहती हैं। “फलक को जिद है जहां बिजलियां गिराने की, हमें भी जिद है वहीं आशियां बनाने की।” उन्होंने कहा छोटी-छोटी गलतियों पर हम अलग रहने के बजाय एक हो जाएं तो कोई भी समस्या ऐसी नहीं कि उसे दूर ना किया जा सके। जब  गिलहरी और गौरैया के प्रयास रंग लाते हैं हम तो फिर भी कलम के सिपाही हैं।

पिछले तीन दशक में यह आयोजन ऐतिहासिक

वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रमोद गोस्वामी ने कहा कि पिछले तीन दशक में यह आयोजन ऐतिहासिक है। ऐसे आयोजन विरले ही होते हैं। बहाना कोई भी हो स्नेह मिलन के आयोजन होते रहते हैं। वैचारिक व्यक्तियों में मतभेद होना स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा की मतभेद कितने ही क्यों न हो पर मनभेद की नौबत कभी नहीं आनी चाहिए। पत्रकारों के हित में निजी हितों और त्यागने का बड़प्पन दिखाएं। पत्रकारों को कबीलियाई संस्कृति छोड़नी होगी। नव संवत्सर का यह आयोजन पत्रकारों के लिए एकता का संदेश लेकर आए ऐसी शुभकामनाओं के साथ उन्होंने अपनी बात को समाप्त किया।

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आपकी समस्याएं जानते हुए भी कुर्सी पर बैठे लोग उनको बनाएं रखना चाहते हैं

राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफ़िज़ उस्मान ने कहा कि-

मंजिल से आगे बढ़कर मंजिल तलाशकर, मिल जाए खुद को समंदर तलाशकर,
हर सीसा टूट जाता है पत्थर की चोट से, टूट जाए जिससे पत्थर वो सीसा तलाश कर।
शहाफी जब अपने हिसाब से लिखता है तो जेहन और तस्वीर बनती है,
शाहफत से दुनिया के गोशे गोशे की ख़बर हम तक पहुंचाते हैं,
शहाफी बढ़ेंगे तो मुल्क आगे जाएगा, सरबरा को मजबूत और ताकतवर होना चाहिए।

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा की बहुत सी ऐसे चीजें हैं जो अगर आप हमें न बताते तो हम तक सच नहीं पहुंच पाता। श्री उस्मान ने कहा की “पत्रकारों को जान बूझकर कमजोर रखा गया है, AC और महलों में बैठने वालों को भी आपकी समस्याएं पता हैं पर कुर्सी पर बैठे लोग उनको बनाएं रखना चाहते हैं।”
जंगल में मोर नाचा किसने देखा, यह दिखाने की जिम्मेदारी का निर्वहन भी आपके कंधों पर है।

भारत के सभी पर्व,त्योहार,परम्पराएं,आदि सामाजिक संस्कार इसी नव संवत्सर से…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह श्री प्रशांत भाटिया ने कहा कि पत्रकारों की ओर से भारतीय नववर्ष का आयोजन हो रहा है यह बदलाव की प्रक्रिया के साथ एक अच्छी शुरुआत है। भारतीय नव संवत्सर के अनुसार ही हमारे सभी पर्व, त्योहार, परम्पराएं, धार्मिक और सामाजिक संस्कार होते रहें हैं।

देश की आज़ादी के बाद पंचांगों पर पहला अध्ययन डॉ0 वेदप्रकाश ने किया था। हमारी सभी तिथियां विज्ञान और नक्षत्रों के आधार पर निर्मित हुए हैं- निरंकार सिंह  (वरिष्ठ स्तंभकार)

पत्रकारिता आज भी सबसे पवित्र कार्य

श्री रामदत्त त्रिपाठी ने कहा कि होली सामाजिक समरसता, एकता और नई फसल के स्वागत का पर्व है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद पत्रकारिता आज भी सबसे पवित्र कार्य है। लोकतंत्र में पत्रकारिता और पत्रकारों की बहुत अहम भूमिका है। लोकतंत्र में पत्रकारिता प्राणवायु की तरह है। अपनी आजादी को बचाए रखने की आज दोहरी चुनौती है।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया की चम्पारण आंदोलन की खबरें कानपुर के प्रताप में छपती थीं। छोटे अखबार और संस्थान बंद हो जाएंगे, तो लोकतंत्र की वास्तविक आवाज पर बंदिशें लग जाती हैं। वर्किंग जर्नलिस्ट ऐक्ट में तमाम कर्मचारी कवर्ड नहीं हो रहे हैं। पत्रकारों के लिए कोई संवैधानिक स्वीकार्यता और प्रावधानिक व्यवस्था नहीं है। जब तक पत्रकारों की आपसी एकता मजबूत नहीं होगी तब तक समस्याएं हल नहीं होंगी।

पत्रकार निर्भीकता से लिखता रखते रहे इसके लिए समाज भी सहयोग करे

शिक्षाविद श्री पवन सिंह चौहान ने कहा कि नव संवत्सर के बहाने हमारा मिलन बड़ा काम है। पत्रकार वो है जो हर चैलेंज को स्वीकार करते हैं। जीवन जीने की कला सिखाती है। पत्रकारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। समाज को बदलने के लिए पत्रकार निर्भीकता के साथ लिखते रहें, इसके लिए समाज को उनका सहयोग करना चाहिए।

हमारी एकता तय करेगी कि सरकार किस ओर चलेगी

उपजा के प्रदेश महामंत्री श्री रमेश चंद्र जैन ने कहा कि हमारी एकता तय करेगी कि सरकार किस ओर चलेगी। पत्रकार हितों के मुद्दों पर हमारे बीच एक हो जाना चाहिए। हमें मन, वचन और कर्म से मुसीबत के वक्त पत्रकारों के साथ देना चाहिए।

कभी टीम भावना से काम करते थे, उस भावना में कमी आई है

अध्यक्षीय भाषण के दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्री अजय कुमार ने बताया कि पत्रकारों को तराशने, संभालने और संवारने का काम ट्रेड यूनियनों का है। ट्रेड यूनियनों की भूमिका पत्रकारों से भी दयनीय है। उन्होंने कहा की –
“खुद की खातिर न जमाने के लिए जिंदा हैं।
हम तो पत्रकारिता को बेहतर बनाने के लिए जिंदा हैं।”

“हर सपना भाग्य नहीं होता है ,
सभी तटों पर झाग नहीं होता है,
हर आंचल पर दाग नहीं होता है। “

“हम लोग कभी टीम भावना से काम करते थे, उस भावना में कमी आई है।”

अल्प सूचना पर आए सभी अतिथियों का आभार

लखनऊ जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भारत सिंह ने कहा कि अल्प सूचना पर आए सभी अतिथियों का आभार है। आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम बधाई के पात्र ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ0 नवीन सक्सेना, पद्माकर पांडेय , एस.वी. सिंह और अनुपम चौहान ने किया। धन्यवाद ज्ञापन समिति के महामंत्री श्री आशीष मौर्या, गणेश वंदना श्री सुयश आनंद त्रिपाठी ने और वंदे मातरम गायन श्रीमती संज्ञा शर्मा और अनुमेहा शर्मा ने किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में एलजेए के रत्नाकर मौर्या,अनूप मिश्रा,माता प्रसाद चतुर्वेदी, अजय कुमार,अश्वनी जयसवाल,अब्दुल सत्तार,विनय तिवारी, धनंजय,आरबी सिंह,एसएन भारद्वाज व अजय शर्मा आदि ने अपना विशेष योगदान दिया।

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