Breaking News

अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले लवलेश तिवारी को लगी गोली, फटाफट जाने पूरी खबर

गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा कि वे अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाना चाहते थे।

इस हत्याकांड के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी में इस बात का उल्लेख है। पुलिस ने बताया कि प्रयागराज के धूमनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, घटना के दौरान ही गोली चलाने वाले आरोपी लवलेश को भी गोली लगी, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने कहा, ”जब से हमें अतीक व अशरफ को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की सूचना मिली थी, हम तभी से मीडियाकर्मी बनकर यहां की स्थानीय मीडिया की भीड़ में रहकर इन दोनों को मारने की फिराक में थे, किंतु सही समय और मौका नहीं मिल पाया। (शनिवार को) मौका मिलने पर हमने घटना को अंजाम दिया।” पुलिस की एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि इसी दौरान गोलीबारी में लवलेश को भी गोली लगी है और उसका इलाज स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज में चल रहा है।

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के मामले में लवलेश तिवारी (बांदा), मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और अरुण मौर्य (कासगंज-एटा) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस हमले के दौरान गोलीबारी में लवलेश तिवारी को भी गोली लगी है और उसका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

प्राथमिकी के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कहा, ”हम अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे, जिसका लाभ भविष्य में निश्चित रूप से मिलता। हम पुलिस के घेरे का अनुमान नहीं लगा पाए और हत्या करने के बाद भागने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई में हम लोग पकड़े गए।”

About News Room lko

Check Also

पावर कट और ट्रैफिक जाम पर अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, बकरीद को लेकर दिए ये निर्देश

वाराणसी :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहर में पावर कट, ट्रैफिक जाम और ...