जबाबदेह यूपी सरकार

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
  डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

प्रजातंत्र में सरकार की जबाबदेही जरूरी होती है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसका बखूबी निर्वाह किया है। उसके द्वारा सरकार के सौ दिन पूरे होने के बाद अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया था। इसके माध्यम से सरकार ने अपनी भावी दिशा से जनता को अवगत कराया था। यह यात्रा आगे बढ़ी रही। प्रतिवर्ष सरकार ने अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत किया। सरकार के दावे तथ्यों प्रमाणों व आंकड़ों पर आधारित रहे है। साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर भी सरकार ने रिपोर्ट कार्ड जारी किया था। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश में विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित हुए है। कुछ समय पहले ही श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ। कानपुर में मेट्रो चलने लगी है।

सत्ता पक्ष ने अपनी उपलब्धियों व विकास कार्यों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है। पांच सौ वर्षों के बाद भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। ढाई सौ वर्षों बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनरूत्थान हुआ। उपलब्धि के रूप में यह विषय भी उठेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा के दृष्टिगत दूरदर्शन ने पहली बार लखनऊ में दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री कांत शर्मा उद्योग मंत्री सतीश महाना,मोहसिन रजा वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल सहित अनेक विशिष्ट लोग सहभागी हुए। उद्घाटन सत्र में “डबल इंजन का तंत्र क्या है जीत का मंत्र” विषय पर चर्चा की गई।

चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश देश का भाग्य तय करता है। डबल इंजन की सरकार के चलते उत्तर प्रदेश में विगत साढ़े चार वर्षों के दौरान अभूतपूर्व विकास कार्य हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था में बदलाव किया। केंद्र की सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया। इसके फलस्वरूप आज करीब पचास योजनाओं में उत्तर प्रदेश नम्बर वन है। योगी सरकार के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ। जबकि इसके पहले पांच वर्षों में दो सौ से अधिक दंगे हुए थे। योगी अदित्यनाथ ने एक जिला एक उत्पाद योजना को लागू किया। उत्तर प्रदेश में सफलता के बाद यह योजना पूरे देश में लागू की गई है।

योगी सरकार विकास और विरासत दोनों को बुलंदियों पर पहुंचा रही है। अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्मांण कार्य चल रहा है। भव्य श्री विश्वनाथ कॉरिडोर को लोकर्पण हो चुका है। स्वॉयल हेल्थ कार्ड प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना,खेती सिंचाई में विविधीकरण करने के साथ तकनीक का उपयोग से किसानों की लाभ मिल रहा है। देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करीब पांच दशक पहले हुई थी। लेकिन ईमानदारी के साथ किसान को इसके साथ जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। उनकी सरकार ने लागत के डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू करने का कार्य किया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के तुरन्त बाद छियासी लाख किसानों के छत्तीस हजार करोड़ रुपये के फसली ऋण को माफ करके उन्हें राहत देने का कार्य किया। विगत साढ़े चार वर्ष के दौरान वर्तमान सरकार ने प्रदेश में अनेक लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का कार्य किया गया। जिससे बाइस लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है। पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में आढ़तियों के माध्यम से करीब एक सौ तेईस लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सीधे किसानों से दो सौ तीस लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई।

इसी तरह पिछली सरकार में करीब चौरानवे लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने करीब दो सौ उन्नीस लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की।  एमएसपी का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में देने का कार्य किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने किसानों को आलू का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर लाभान्वित किया है। योगी सरकार ने बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया। केंद्र में मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी ने मुसलमानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा। उत्तर प्रदेश में छियालीस लाख आवास दिए गए हैं। उसमें से बारह लाख से अधिक मुसलमानों को लाभ मिला है। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्त कराया गया। सरकार ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया। ओडीओपी योजना का बड़ा लाभ मुस्लिम समाज के लोगों को हुआ है। भाजपा सरकार ने जाति धर्म को नहीं देखा है।

पात्रता के आधार पर ईमानदारी से योजनाएं लागू हो रही हैं। सभी योजनाओं में मुसलमानों को लाभ मिला है। एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा है। सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे बनाये जा रहे हैं। एक्सप्रेस वे के किनारों पर औद्योगिक गलियारे विकसित किये जा रहे है। काशी और अयोध्या रोजगार के बहुत बड़े केंद्र बनेंगे। उत्तर प्रदेश अगले पांच सालों में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ इज ऑफ लिविंग की ओर आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में चार लाख करोड़ का निवेश का प्रस्ताव आया। प्रदेश में इस दौरान साढ़े लाख से अधिक नौकरी दी गयी है। इसीलिये प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूपी प्लस योगी। यह उपयोगी सरकार है। विकास और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने का कार्य समान रूप से किया गया है। पहले किसानों को सम्मान निधि नहीं मिलती थी। साढ़े चार लाख करोड़ निवेश के एमओयू हुए। करीब तीन लाख करोड़ का निवेश आया। उत्तर प्रदेश में पहले क्षेत्रीय आधार पर बहुत विषमताएं थी। अनेक हिस्से विकास से दूर थे। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने विकास को बिना भेदभाव के साथ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाया।

पूर्वांचल व बुंदेलखंड को विकास यात्रा में शामिल किया गया। पश्चिम उत्तर प्रदेश के विकास पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। समग्र विकास के लिए कानून व्यवस्था व बिजली की बेहतर व्यवस्था अपरिहार्य होती है। पांच वर्ष पहले तक यह दोनों विषय उपेक्षित थे। इनकी स्थिति बदहाल थी। इसलिए उत्तर प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ गया था। इसकी छवि बीमारू प्रदेश के रूप में स्थापित हो चुकी थी। योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले इन्हीं दो मुद्दों पर ध्यान दिया। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। पहले अघोषित कटौती से लोग बेहाल थे। उद्योग बन्द हो रहे थे। निवेशकों की उत्तर प्रदेश में कोई रुचि नहीं रह गई थी। वर्तमान सरकार ने इस छवि को बदल दिया। जिला मुख्यालयों में बिना भेद भाव के निजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। तहसील गांव तक अठारह बीस घण्टे बिजली दी जा रही है। निकट भविष्य में पूरे प्रदेश को चौबीस घण्टे बिजली मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश के समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है। योगी सरकार ने व्यवस्था को सुधारने का बखूबी कार्य किया है। माफियाओं पर नकेल कसी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लोकर्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है।

एक्सप्रेस बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व बलिया लिंक एक्सप्रेसवे का कार्य प्रगति पर है।कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था। सबसे बड़ी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अगले करीब दो वर्ष पूरी होगी।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण गोरखपुर आजमगढ़ के बीच तेजी से चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे लगभग छह सौ किमी लंबी होगी। देश की सबसे लंबी गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनेगी। इसके लिए पंचानबे प्रतिशत से ज्यादा जमीन खरीदी जा चुकी है। नरेंद्र मोदी के कथन को राष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक समर्थन मिला है।

उत्तर प्रदेश में पांच एक्सप्रेस वे,काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण,एयरपोर्ट निर्माण और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति,माफियाओं की अवैध सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाने आदि कार्यों की सराहना हो रही है। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है। इसी क्रम में वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश में एक्सप्रेसवे का संजाल बिछाया जा रहा है। विकास के मामले में सरकार का नजरिया समग्रता का है। सरकार एक्सप्रेसवेके साथ एयर कनेक्टिविटी पर भी बराबर का जोर दे रही है। सरकार ने दशकों से लम्बित वाण सागर, अर्जुन सहायक नहर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोनाओं को पूरा किया। किसानों को समय से पानी के साथ खाद भी मिले इसके लिए करीब तीन दशक से बंद गोरखपुर के खाद कारखाने की जगह नया कारखाना लगाया। सबके स्वास्थ्य का सपना साकार करने के लिए गोरखपुर एम्स का भी उद्घाटन हो चुका है। विकास का यह सिलसिला जारी है। प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाये जा रहे है। प्रदेश के बड़े क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। इस दोनों योजनाओं पर विगत चार वर्षों में अभूतपूर्व कार्य हुए है। चार वर्ष की यह उपलब्धि सत्तर वर्षों पर भारी है। ईज ऑफ लिविंग के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने कीर्तिमान स्थापित किये गए है।

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