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भारत रत्न डॉ. विश्वेस्वरैया के जन्मदिवस पर संगोष्ठी आयोजित

मॉडल गांव की सोच को साकार करने में जुटे डॉ. हीरा लाल रहे संगोष्ठी के मुख्य अतिथि

लखनऊ। इण्डियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के लखनऊ केंद्र के तत्वावधान में भारत रत्न डॉ. विश्वेस्वरैया के जन्मदिवस पर वृहस्पतिवार की देर शाम यहाँ एक संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के अपर मिशन निदेशक व अपर परियोजना निदेशक, उप्र राज्य एड्स नियन्त्रण सोसाइटी डॉ. हीरा लाल ने डॉ. विश्वेस्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में इन्जीनियर पी.के. सिन्हा, राष्ट्रीय अध्यक्ष आईवा शामिल हुए।

इस अवसर पर डॉ. हीरा लाल ने कहा कि डॉ. विश्वेस्वरैया आज की पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने जीवन काल में विभिन्न क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर कार्य किये और इसी वजह से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। मुझे भी डॉ. विश्वेस्वरैया के गॉव जाने और वहॉ उनकी प्रतिमा तथा म्यूजियम को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। डॉ. विश्वेस्वरैया एक इन्जीनियर थे उसके बाद वे एक अच्छे प्रशासक भी सिद्ध हुए। जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय योगदान दिया है।

डॉ. हीरा लाल ने कहा कि बांदा में जिलाधिकारी रहते हुए मैने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पानी की विकट समस्या को देखा और समझा है। पानी के बिना किसी का भी जीवन सम्भव नहीं है। गर्मी के मौसम में बांदा जिले में लोग पानी के लिए जब त्राहि-त्राहि करने लगते थे, तब मैने उन्हें सबसे पहले पानी का महत्व समझाया। लोगों को पानी बचाने तथा मन में पानी के प्रति लगाव जगाया और एक नवाचार किया। कोशिश सफल हुई और बांदा में डी.एम. रहते हुए मैं भूमिगत जल का स्तर 1.34 मीटर ऊपर लाने में सफल हुआ।

डॉ. लाल ने कहा कि बांदा में रहत हुए पानी के अलावा भी बहुत सारे नये प्रयोग किये, जिसमें आशातीत सफलता मिली। अब उन्ही प्रयोगों को इक्ठ्ठा करके गॉव को विकसित करने, समृद्ध बनाने के लिए माडल गॉव संस्था के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं। मॉडल गॉव की सोच के पीछे महात्मा गॉधी के ग्राम्य स्वाराज्य की संकल्पना है। वर्तमान में मैं दो विभागों का कार्य देखता हूँ लेकिन व्यक्तिगत रूचि की वजह से छुट्टी वाले दिन भी काम करता हूँ। शनिवार और रविवार को मैं अपने माडल गॉव प्रोजेक्ट के लिए नये-नये प्रयोग करता हूँ और गॉवों को एक मॉडल गॉव के रूप में विकसित करने हेतु प्रयासरत हूँ। इसके पूर्व कार्यक्रम में इन्जीनियर संजय कुमार सिंह अध्यक्ष, इण्डियन वाटर वर्क्स एसोसियेशन द्वारा डॉ. विश्वेस्वरैया के जीवन चरित्र पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी और इन्जीनियर्स डे के महत्व के बारे में बताया गया।

संगोष्ठी के उपरान्त डॉ. हीरा लाल द्वारा लिखी गयी किताब ‘‘डायनेमिक डी.एम.’’ का विमोचन हुआ। डॉ. लाल द्वारा उपस्थित जनों को पुस्तक की प्रतियां भी भेंट की गयी। कार्यक्रम का संचालन इन्जीनियर कमल सिंह द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम के अन्त में संयोजक डीएन यादव जी द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मेजर जनरल (रि.) वी.पी. श्रीवास्तव, इन्जी. प्रवीन कुमार, इन्जी. अनिल कुमार, इन्जी. अरून कुमार, इन्जी. कौशल, इन्जी. एम.एम. श्रीवास्तव, राजीव त्रिपाठी, शंकर गुप्ता, जे.आर. गुप्ता, सन्तराम, वी.के. कठेरिया, एस.के. चौधरी, के.के. सिंह, बी.आर. गुप्ता, संजीव श्रीवास्तव, ओ.पी. सिंह सहित लगभग 100 अतिथि उपस्थित रहे।

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