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लौंग का पानी पीने से दूर होती है ये समस्या

अगर आप लंबे समय से अपने घर के आंगन में बच्चे की किलकारी सुनने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन इनफर्टिलिटी की वजह से अपना सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो लौंग का पानी आपकी समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है।

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जी हां, लौंग के पानी में फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाले कई गुण मौजूद होते हैं। आइए जानते हैं प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कैसे बनाएं लौंग का पानी और क्या है इसके फायदे।

लौंग का पानी

लौंग का पानी बनाने की सही तरीका- लौंग का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास पानी गर्म में मुट्ठीभर लौंग को रात भर भिगाकर रख दें। अगले दिन, सुबह भीगी हुई लौंग को उसी पानी में उबाल लें। जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ा भी सकते हैं। इस पानी को करीब 15-20 मिनट तक उबालने के बाद गैस बंद कर दें। पानी को ठंडा करके उसमें से लौंग छलनी की मदद से अलग कर लें। आपका लौंग का पानी बनकर तैयार है।

कब पीना चाहिए लौंग का पानी- लौंग का पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले हो सकता है।

लौंग का पानी पीने के फायदे

रेगुलर पीरियड्स- जिस महिला के पीरियड्स अनियमित रहते हैं, वो सुबह और शाम एक गिलास लौंग के पानी का सेवन कर सकती है। इसके अलावा पीरियड्स में होने वाले पेट दर्द या ऐंठन होने पर भी लौंग का पानी फायदा करता है।

टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ता है- लौंग में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं। टेस्टोस्टेरोन, हार्मोन को सेक्स हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। इसी हार्मोन की वजह से पुरुषों के चेहरे पर दाढ़ी और मूंछें आती हैं। टेस्टोस्टेरोन महिला और पुरुष, दोनों की सेक्शुअल डिजाइयर को बढ़ाने का काम करता है।

स्पर्म काउंट होता है बेहतर- सुबह के समय लौंग का पानी पीने से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्पर्म काउंट भी बेहतर होता है। इतना ही नहीं लौंग का पानी ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) यानी शुक्राणुओं की कमी की स्थिति में भी सुधार करता है।

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