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यूएसए की तरह होगा यूपी का विकास

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
  डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

योगी आदित्यनाथ सरकार ने विकास के अनेक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये है। इस अवधि में यूपी सर्वाधिक एक्सप्रेस वे वाला प्रदेश बन गया है। सड़कों के निर्माण और इनके किनारे पर औद्योगिक गलियारा बनाने का भी अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इन उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही थी। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस चर्चा को विकसित देशों के संदर्भ में स्थान दिया है। उनका दावा है कि इस गति से कार्य जारी रहा तो यूपी विकसित राज्य बन जायेगा। पिछले कुछ वर्षों में यहां तीन लाख करोड़ रुपये की सड़कें बनी है। डबल इंजन की सरकार आगामी पांच साल में पांच लाख करोड़ रुपये का काम उत्तर प्रदेश में करेगी।

कुल मिलाकर जब आठ लाख करोड़ का काम होगा तब उत्तर प्रदेश के सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर होगा। विकास के लिए अच्छी सड़कों का होना अपरिहार्य है। यह अर्थव्यवस्था,समाज, बाजार, अस्पताल, कृषि आदि को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश का चौथा बड़ा राज्य है। इसके विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में विकास के दृष्टिकोण से असमानताएं व्याप्त थीं।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस विषमता को दूर किया है। विकास का लाभ प्रदेश के सभी जनपदों क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। बिना किसी भेदभाव के प्रदेश का विकास किया जा रहा है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाहजहांपुर जिले में गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना का शिलान्यास किया था। यह प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व व पश्चिमी यूपी के साथ ही गंगा एक्सप्रेस वे सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसकी तैयारी के संबन्ध में मिसाल कायम की है। कोरोना महामारी के बाबजूद एक साल में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए तिरासी हजार किसानों से चौरानवे प्रतिशत भूमि खरीदी गई थी। छह सौ किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की स्वीकृति एक वर्ष पहले मिली थी। नब्बे प्रतिशत जमीन तो मात्र चार महीने में खरीद ली गई थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक्सप्रेस वे के किनारे करीब साढ़े अठारह लाख पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही परियोजना में अधिग्रहित भूमि पर सोलर पावर के माध्यम से ऊर्जा का उत्पादन होगा। जिससे परियोजना के संचालन के लिए आवश्यक ऊर्जा की पूर्ति होगी।

यह विभिन्न उत्पादन ईकाईयों,विकास केंद्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेस वे खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों, भंडार गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। एक्सप्रेस वे पर आपातकाल में वायु सेना के विमानों की लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए शाहजहांपुर जिले में एक हवाई पट्टी भी बनाई जाएगी। इसके साथ ही नौ जनसुविधा केंद्र,सात रेलवे ओवर ब्रिज,चौदह दीर्घ सेतु,एक सौ छब्बीस लघु सेतु और तीन सौ इक्यासी अण्डरपास बनाया जाएगा। निकटवर्ती गांवों के निवासियों के लिए सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला यह देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रही है।

गोरखपुर बाईपास एनएच स्थित ग्राम जैतपुर के पास से शुरू होकर यह आजमगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलेगा। इक्यानबे किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, आम्बेडकर नगर, संतकबीर नगर और आजमगढ़ से होकर गुजरेगा। अगले कुछ महीने में यह पूरा हो जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लोकर्पण से उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। एक्सप्रेस वे यमुना एक्सप्रेस वे,आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर कार्य चल रहा है।चित्रकूट से इटावा तक का बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस क्रम में कुछ दिन पहले योगी आदित्यनाथ व नितिन गडकरी ने मीरजापुर व जौनपुर में राजमार्ग की सौगात दी थी। मिर्जापुर के लालगंज स्थित अतरैला गांव के पास टोल प्लाजा पर आयोजित सभा के दौरान वाराणसी से मध्य प्रदेश करीब डेढ़ सौ किलोमीटर लंबे चार राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण और चौरानवे अन्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

राजमार्ग के जरिए मीरजापुर यानी विंध्यधाम को काशी, संगम के साथ ही मध्य प्रदेश के मैहर स्थित शारदा देवी शक्तिपीठ को जोड़ने का कार्य किया गया है। इन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से विंध्याचल मंडल एवं आसपास के क्षेत्रों का विकास होगा। योगी आदित्यनाथ द्वारा केन्द्र सरकार के कार्यक्रमों,नीतियों एवं वित्तीय प्रावधानों को राज्य में तेजी से क्रियान्वित किया जाता है। नितिन गडकरी, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने मेरठ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये की लागत से पौने चार सौ किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। नितिन गडकरी ने कहा कि गाजियाबाद से लखनऊ के बीच नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।

अगले दस दिन के भीतर कानपुर से लखनऊ के बीच एक्सप्रेसवे के निर्माण की शुरूआत हो जाएगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। जापान के सहयोग से अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का भी निर्माण किया गया है। इस कंट्रोल रूम के शुरू होने के बाद पता चल जाएगा कि कौन सी गाडी किस गति से चल रही है। किस वाहन के हादसे की संभावना है। इसका समय रहते पता चल सकेंगा। कंट्रोल रूम में केवल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन ही नहीं, बल्कि पूरे देश के एक्सप्रेसवे के वाहनों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।

वर्तमान समय में पूरे देश में डेढ़ लाख करोड़ रूपए के रोड निर्माण के काम चल रहे है। एक लाख करोड़ राशि के कामों को मंजूरी दी जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में छह हजार से बढ़कर बारह हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है। बाईपास बन जाने से राम वन गमन मार्ग तक जाने में आसानी होगी। अयोध्या से चित्रकूट तक का रास्ता भी सुगम होगा। आज प्रदेश में सात ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग रायबरेली से प्रयागराज तक एक सौ पांच किलोमीटर की दूरी पर चार लेन निर्माण कार्य इस महीने शुरू हो जाएगा। जो काम पिछले पचास वर्षों में नहीं हुआ, योगी के नेतृत्व में पांच वर्षों में पूरा किया गया है। अगले पांच वर्ष में सरकार बनने पर सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे के समानांतर लैंड बैंक भी स्थापित हो रहे है। डिफेंस एक्सपो व इन्वेस्टर्स समिट में निवेश के समय से ही यह योजना आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा प्रत्येक पचास किलोमीटर पर यात्री सुविधा के लिए ढांचागत निर्माण किया जाएगा। एक बार फिर योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस वे के आसपास के क्षेत्रों को औद्योगिक विकास एवं व्यावसायिक उपयोग के रूप में पहले से ही चिन्हित करने के निर्देश दिए है। सड़कों के संजाल से प्रदेश में फोर लेन इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित हुई है। वाराणसी से हल्दिया तक वॉटर हाई वे क्रियाशील है। आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को सी प्लेन की सुविधा भी उपलब्ध होने वाली है। आठ लाख करोड़ रुपये के कार्य प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बना देंगे। वाराणसी से प्रयागराज तक गंगा नदी में डेजिंग का कार्य पूरा हो चुका है। वाराणसी,गाजीपुर, साहिबगंज एवं हल्दिया में मल्टी मोडल हब का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दिनों जौनपुर में डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों का शिलान्यास तथा साढ़े तीन अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।राम जानकी मार्ग का विकास तथा राम वनगमन मार्ग पर कार्य किया जा रहा है।

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