प्रदेश में गांव-किसान और नौजवान परेशान : अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के बिगड़ते हालात,बाढ़ से तबाही और नौजवान की बढ़ती परेशानियों के प्रति चिंता जताते हुए इसके लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा भाजपा सरकार को गांव-किसान-नौजवान की जिंदगियों की बेहतरी की चिंता नहीं है। उन्हें तो बस समाजवादी पार्टी की ही चिंता सताती रहती है।

नौजवान का भविष्य अंधकार

श्री यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा को ज्यादा बढ़ावा दिया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर यह मुफ्त दी जाएगी। उन्होंने कहा पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. कलाम साहब ने समाजवादी सरकार द्वारा बनाए गए पूर्णतः सौर ऊर्जा युक्त दो गांव का उद्घाटन किया था।अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यस्था को बहुत नुकसान पहुंचाया है। भाजपा राज में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। मंहगाई चरम पर है। किसान को उसकी फसल का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। कर्ज से परेशान किसान फांसी के फंदे पर लटकने को मजबूर है। नौजवान का भविष्य अंधकार में है। उनको रोजगार देने का वादा सिर्फ वादा ही रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सवर्ण-दलित में झगड़ा लगाकर जातीय संघर्ष के हालात पैदा कर दिए हैं। भाजपा लोगों को चैन से नहीं रहने देगी। भाजपा का यही एजेण्डा है कि साम्प्रदायिक तनाव बना रहे और समाज में अशांति कायम रहनी चाहिए।

भाई और बहनोई की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर संवेदना व्यक्त

अखिलेश यादव लखनऊ से बाराबंकी होते हुए पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के गोण्डा जनपद के गांव भभूआँ उनके भाई और बहनोई की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। गोंडा जाते समय रास्ते में बाराबंकी सीमा पर पहुंचते ही रामनगर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं गांवों के लोगों के साथ पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप व एमएलसी राजेश यादव ,मुबारकपुर में एमएलए सुरेश यादव, मसौली में रामगोपाल रावत,जरवल रोड पर पूर्व मंत्री पंड़ित सिंह और कर्नेलगंज में श्रीमती नंदिता शुक्ला और बैजनाथ दुबे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का स्वागत किया। अखिलेश यादव के साथ पूर्व मंत्री राजेन्द्र चैधरी भी थे।

सरकारी व्यवस्था का इंतजार किए बगैर

बाढ़ में गांवों की दशा और भाजपा की अनदेखी से व्यथित श्री यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बिना सरकारी व्यवस्था का इंतजार किए बगैर वो बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटें। साथ ही उनको राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था करें तथा दवाइयों का भी इंतजाम करें। बाढ़ के भयावह दृश्य को देखकर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के घरों में पानी भरा हुआ है,उनकी झोपड़ियां जलमग्न हैं और सड़कें पूरी तरह से खराब है। लेकिन उनके द्वारा पीड़ितों को कोई राहत नहीं पहुंचाई गयी।

फसलें बर्बाद हुई और दुधारू पशुओं की मौत

उन्होंने कहा समाजवादी सरकार में आरसीसी की जरवल रोड बनने की शुरूआत हुई थी,चारलेन सड़क बननी थी। समाजवादी पार्टी की सरकार में होने वाले बहुत से अधूरे काम आज भी पहले की तरह पड़े हुए है। एल्गिन चरसैंडी बांध कटने से सैकड़ों गांवों में जलप्रलय की स्थिति बन गई। फसलें बर्बाद हुई,दुधारू पशुओं की मौत हो गई। जनधन की भारी क्षति हुई है,पर सरकार बेख़बर है।

लोकतांत्रिक मर्यादा और राजनीतिक शिष्टाचार

पूर्व मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भाजपा नेता लाख दावे करें पर सामान्य लोग भी जानते हैं कि विकास के काम समाजवादी सरकार के समय ही हुए थे। भाजपा की गिरती साख से उसका नेतृत्व बुरी तरह बौखलाया हुआ है। भाजपा के नेता लोकतांत्रिक मर्यादा और राजनीतिक शिष्टाचार को भूलकर समाजवादी पार्टी पर अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। राजनीति में ऐसा पतन घटिया मानसिकता की देन है।

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