रायबरेली में खुला यूपी का पहला AIIMS,मरीज़ो का लगा तांता

रायबरेली। रायबरेली के मुंशीगंज स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) की ओपीडी आज सुबह से शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश का यह पहला एम्स है, जिसके संचालन से रायबरेली के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, फतेहपुर व कानपुर समेत पूरे प्रदेश के लोगों को सहूलियत मिलेगी।

AIIMS में इलाज करा मरीज संतुष्ट

एम्स में इलाज से पहले सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग गई। इसी बीच अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने विधि-विधान से पूजा की उसके बाद ओपीडी शुरू हुई। चंडीगढ़ पीजीआई से आए अधिकारियों की टीम के मार्गदर्शन में ओपीडी शुरू हुई है। एम्स में इलाज कराने के बाद मरीज काफी खुश और संतुष्ट नजर आए। मरीज़ो का दस रूपए का पर्चा बना है जो कि छह महीने के लिए मान्य होगा।

जानकारी देते हुए एम्स अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि अभी यहां पर जनरल मेडिसिन, हड्डी रोग, नाक कान गला (ईएनटी), नेत्र विभाग और मुंह की बीमारियों का इलाज मिलेगा। हालांकि धीरे-धीरे यहां जनरल सर्जरी, शिशु रोग विभाग, स्त्री रोग विभाग, दंत रोग विभाग भी शुरू होंगे। रेडियोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, प्रयोगशाला, स्टॉफ आफिस, कैफेटेरिया, माइनर ओटी, चिकित्सा कक्ष व दवाओं की भी व्यवस्था होगी।
बता दें कि एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों के लिए मशीनें लग गई हैं। दवाएं भी आ गई हैं। आठ डॉक्टरों समेत 35 लोगों का स्टाफ यहां पहले ही आ चुका है। जल्दी ही और स्टाफ आने की उम्मीद है।
मालूम हो कि दरियापुर में एम्स ओपीडी कराने के लिए डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की भर्ती का काम पीजीआई, चंडीगढ़ में किया गया। इसके बाद 26 जुलाई से यहां स्टाफ आना शुरू हो गया था।
ओपीडी शुरू होने से प्रदेश के कई जनपदों के रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। साथ ही लखनऊ के पीजीआई, केजीएमयू और जिला अस्पताल का भार भी कम होगा।
एम्स की आधारशिला वर्ष 2013 में सोनिया गांधी ने
आपको बता दे कि इस एम्स की आधारशिला वर्ष 2013 में सोनिया गांधी ने रखी थी और प्रदेश में तत्कालीन सपा सरकार ने 97 एकड़ जमीन मुहैया करवाई थी। यही नही 13 अगस्त 2014 को ओपीडी बनकर तैयार भी हो गई और उसी दिन इसकी ओपनिग थी, पर चुनावी आचार सहिता लागू होने से यह अधर में लटक गई, पर जब 2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार आई तो फिर यह अधर में लटक गयी। ऐसे में  2019 के चुनाव के पहले इसका शुभारम्भ चुनावी रणनीति के तहत लग रहा है । बहरहाल कुछ भी हो पर इसका लाभ रायबरेली की जनता को अब मिलना शुरु हो गया है।

रत्नेश मिश्रा

रत्नेश मिश्रा

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