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2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार विश्नोई पुलिस अधीक्षक नगर का प्रभार किया ग्रहण

  • पुलिस अधीक्षक नगर ने पदभार किया ग्रहण

  • कुख्यात अपराधी ढाई लाख के इनामी बदमाश ‘बद्दो’ को चटाई थी धूल

  • फ्रांस सरकार की तरफ से कॄष्ण कुमार विश्नोई को चालीस लाख स्कॉलरशिप दी गयी थी

गोरखपुर। नवागत एसपी सिटी और 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कॄष्ण कुमार विश्नोई ने पुलिस अधीक्षक नगर का प्रभार ग्रहण किया है। पदभार ग्रहण करने के अवसर पर, उन्होंने कहा कि सीएम सिटी होने के नाते, वीवीआइपी मूमेंट को देखते हुए नियमानुसार अन्य गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। हर फरियादी की समस्याओं का नगर क्षेत्र के थानों पर ही निराकरण किया जाएगा जिससे फरियादी को उच्च अधिकारियों या हमारे कार्यालय तक आने की जरूरत ना पड़े।

2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार विश्नोई पुलिस अधीक्षक नगर का प्रभार किया ग्रहण

उन्होने कहा कि थाना प्रभारियों को हर छोटी से छोटी घटनाओं पर तत्काल पहुंचना होगा और उस घटना में क्या कार्रवाई की गई? क्या स्थिति है? हमें थानेदारों द्वारा अवगतकराना होगा, ताकि, उक्त घटना के संबंध में हम उच्च अधिकारियों को अवगत करा सकें। हमारे कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा, जिससे फरियादी को अन्य कहीं भटकना ना पड़े। श्री विश्नोई ने कहा कि शहर सर्किल के थाने पर, थाना दिवस पर आए हुए समस्त प्रार्थना पत्रों का गुण-दोष के आधार पर, थानों पर ही निस्तारण किया जाएगा, जिससे पीड़ित को इधर-उधर भटकना न पड़े और पीड़ित को त्वरित न्याय मिल सके।

श्री विश्नोई ट्रेनिंग के दौरान, अपराध की दुनिया का कुख्यात बदन सिंह ‘बद्दो’, जो ढाई लाख का इनामी था, उसे मेरठ में धूल चटाने का कार्य किया था। बद्दो उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्ट वांटेड रहा है। उस पर करीब तीन दर्जन मुकदमे थे। यूपी पुलिस ने उस पर ढाई लाख का इनाम रखा था। पिछले दो साल से फरार चल रहे बद्दो को श्री विश्नोई ने मेरठ में ट्रेनिंग के दौरान, धूल चटाई थी। सुशील जैसे कुख्यात माफिया को जेल भेजने का कार्य भी श्री विश्नोई द्वारा किया गया था।

8 दिसंबर को किसान संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया था। इसी के तहत मेरठ के किसानों ने भी हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इसके बाद, आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई मौके पर पहुंचे और अपने काम से किसानों का दिल जीत लिया। इसके बाद किसान हाइवे पर लगा जाम खोलने के लिए मजबूर हो गये। आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई आंदोलन के दौरान, किसानों की भीड़ के पास गए और किसानों के पैर छूए, जिसके बाद किसानों ने जाम किये हुए रोड खोल दिये।

कृष्ण बिश्नोई राजस्थान के वार्मर जिले के मूल निवासी हैं। इनकी माता गंगा देवी और पिता का सुजानाराम बिश्नोई है। कृष्ण बिश्नोई अपने 6 भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। इनके सगे भाई-बहनों में से 2 बहने डॉक्टर, 1 बहन नर्सिंग अफसर, 1 बहन पटवारी और 1 भाई है जो सोशल सिक्योरिटी में अफसर हैं। बता दें, कि आठवीं कक्षा में डाइट परीक्षा में उन्होंने अपने पूरे जिले में टॉप किया था। इसी समय उन्होंने यह ठान लिया था कि उनके जीवन का लक्ष्य आईपीएस बनना है।

उन्होंने जोधपुर जिले के केन्द्रीय विद्यालय में 12वीं की कक्षा तक की पढ़ाई की। जिसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कृष्ण कुमार बिश्नोई की ग्रेजुएशन के बाद उन्हें फ्रांस सरकार की तरफ से चालीस लाख की स्कॉलरशिप मिली थी। कृष्ण कुमार बिश्नोई ने विश्व के चौथी सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सटी से राष्ट्रीय सुरक्षा में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी की थी। इसके बाद इन्होंने चाइनीज स्टडी में जेएनयू से गोल्ड मेडल हासिल किया था।

रिपोर्ट-रंजीत जायसवाल

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