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यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते की प्रेरणा

मिशन शक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनव प्रयोग था। इसका शुभारंभ नवरात्रि उत्सव के समय किया गया था। दूसरे चरण की शुरुआत महिला दिवस पर हुई थी। तीसरा चरण रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर प्रारंभ हुआ। इंदिरा प्रतिष्ठान लखनऊ में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। ये दोनों ही महिला सशक्तिकरण की प्रतीक है। इन्होंने संघर्ष किया। उच्च शिक्षा प्राप्त की।

राजनीति व समाज सेवा के माध्यम से अपना विशिष्ट मुकाम बनाया। सरकार के अपने दायित्व होते है। इनको पूरा करना उसकी जिम्मेदारी होती है। योगी आदित्यनाथ इसके प्रति सजग व गंभीर भी है। लेकिन महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के संबन्ध में समाज की जिम्मेदारी भी होती है। वस्तुतः मिशन शक्ति के माध्यम से समाज को भी दायित्वबोध कराने का प्रयास किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ा है।  महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकार अपने स्तर से प्रयास कर रही है। लेकिन समाज का भी दायित्व कम नहीं है। यह विचार अन्यत्र से लेने की आवश्यकता ही नहीं है। भारतीय संस्कृति में इसका सर्वश्रेठ उल्लेख है। इस पर अमल की आवश्यकता है। प्रचीन काल में ही बताया गया-यंत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता।

योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के दूसरे चरण का शुभारंभ महिला दिवस के अवसर पर किया था। उन्होंने शास्त्रों की सूक्ति का उल्लेख किया था-
नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः।
नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रपा।।
माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है। माता के समान कोई रक्षक नहीं है,माता के समान कोई प्रिय नहीं है और इस विश्व में माता के समान कोई जीवनदाता नहीं है। जब नारी सुरक्षा,नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन एक साथ जुड़ेंगे तो नारी सशक्तिकरण का लक्ष्य स्वतः ही प्राप्त होगा।

उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति की सुरक्षा,सम्मान, स्वावलंबन एवं सर्वांगीण उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मिशन शक्ति के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया था। सभी लोगों को मिशन शक्ति के उद्देश्यों की सफलता हेतु सहभागी बनना चाहिए। देश और समाज की प्रगति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। भारतीय इतिहास में अनेक महिलाओं के संदर्भ मिलते हैं जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से उपलब्धियों के उच्चतम आयाम स्थापित किए। वर्तमान समय में भी महिलाएं अपने विशिष्ट कार्यों से समाज को राह दिखा रही हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं तथा बालिकाओं की सर्वांगीण प्रगति के लिए कृत संकल्पित है।

इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्रि में मिशन शक्ति अभियान शुरू किया था। नारी शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा के अनुष्ठान का कार्यक्रम हम वर्ष में दो बार करते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में बीस प्रतिशत महिलाओ की भर्ती हुई है। तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। मिशन शक्ति में बेटियों महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वालंबन को भी समाहित किया गया है। इसके आयोजन में अनेक विभागों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

महिला स्वावलंबन संबधी सुमंगला योजना का शुभारंभ भी योगी आदित्यनाथ ने किया था। अपने ढंग की यह अभिनव योजना है। इसमें बेटियों को शिक्षित व स्वावलंबी बनाने का उद्देश्य निर्धारित किया गया। स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। योगी आदित्यनाथ ने इस योजना में भी महिला स्वावलंबन का ध्यान रखा है। स्वामित्व योजना के तहत घर के पट्टे महिलाओं के नाम पर हो और घरौनी में महिला का नाम दर्ज हो रहे है। तीसरे चरण के शुभारंभ पर निर्मला सीता रमण ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ऊर्जा,कार्य करने की क्षमता के कारण ही प्रदेश के प्रत्येक जिले का निरन्तर भ्रमण करते रहते हैं, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिलती है। उन्होंने प्रदेश को विकसित करने, कानून व्यवस्था को ठीक करने और महिला सशक्तीकरण करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई है। बीसी सखी के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, स्वामित्व योजना, पोषण अभियान एवं मुद्रा लोन योजना में सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश की महिलाओं को मिला है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं में महिलाओं पर फोकस किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत एक लाख पचपन हजार पात्र बालिकाओं को अनुदान राशि का ऑनलाइन हस्तान्तरण किया गया। बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई महिला पुलिस बटालियन के प्रांगण का शिलान्यास तथा मिशन शक्ति के दो चरणों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पचहत्तर महिलाओं को सम्मानित किया गया। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों में महिलाओं को वरीयता दी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रारम्भ से ही महिलाओं के सशक्तीकरण पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चरणबद्ध ढंग से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं मिशन शक्ति जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त एवं स्वावलम्बी होकर अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान प्रदान कर रही हैं तथा अपनी बेटियों को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा, बाल विवाह को खत्म करने के लिए महिलाएं स्वयं आगे आएं। केन्द्र व प्रदेश सरकार महिलाओं की संवेदना को समझते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिला कल्याण को प्रोत्साहित कर रही हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आधी आबादी की सुरक्षा,सम्मान व उनके स्वावलम्बन के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना,जननी सुरक्षा योजना,जनधन योजना तथा मुद्रा योजना द्वारा ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग एवं बीमा व्यवस्था से जोड़ा गया है। नारी गरिमा व उनके उत्तम स्वास्थ्य हेतु आवास सहित शौचालय की सुविधा प्रदान की गई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना द्वारा करीब महिलाओं को घर की मुखिया बनाया गया है। राज्य के गृह विभाग, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग व अन्य विभागों के अन्तर्समन्वय के माध्यम से मिशन शक्ति कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश को समर्थ व स्वावलम्बी बनाने के लिए नारी सशक्तीकरण का यह तृतीय चरण प्रारम्भ किया जा रहा है।

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